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Bihar ration card eKYC : बिहार में 1.56 करोड़ राशन कार्ड धारको के मुफ्त राशन पर संकट, जानिए क्या है वजह

बिहार में 1.56 करोड़ राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाया है। खाद्य विभाग ने 15 फरवरी तक आधार सीडिंग अनिवार्य की है, वरना मुफ्त राशन रुक सकता है।

Bihar ration card eKYC : बिहार में 1.56 करोड़ राशन कार्ड धारको के मुफ्त राशन पर संकट, जानिए क्या है वजह
Tejpratap
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Bihar ration card eKYC : बिहार में करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए मुफ्त राशन योजना पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। राज्य में अब भी 1 करोड़ 56 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी (आधार सीडिंग) नहीं हो पाया है। अगर तय समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराई गई, तो ऐसे लाभार्थियों का नाम राशन सूची से हटाया जा सकता है और उन्हें आगे मुफ्त राशन मिलने में परेशानी हो सकती है।


खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने साफ शब्दों में कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सभी लाभार्थियों के लिए आधार सीडिंग यानी ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। विभाग ने राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 15 फरवरी तक शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित की जाए।


अब तक 6.74 करोड़ लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा

विभाग के अनुसार, बिहार में कुल 8 करोड़ 30 लाख से अधिक लाभार्थी मुफ्त राशन योजना के दायरे में आते हैं। इनमें से 6 करोड़ 74 लाख लाभुकों का ई-केवाईसी पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद लगभग 19 प्रतिशत लाभार्थी अब भी ई-केवाईसी से वंचित हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते ई-केवाईसी नहीं कराने वाले लाभुकों का नाम राशन कार्ड सूची से हटाया जा सकता है।केंद्र सरकार ने भी राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राशन का लाभ केवल उन्हीं लोगों को दिया जाए, जिनका आधार सीडिंग पूरा हो। इसका उद्देश्य फर्जी और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करना है।


बाहर रहने वालों को भी राहत

खाद्य विभाग ने उन राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है, जो रोजगार या अन्य कारणों से राज्य से बाहर निवास कर रहे हैं। विभाग ने कहा है कि ऐसे लोगों को बिहार लौटने की जरूरत नहीं है। ई-केवाईसी की सुविधा पूरे देश में उपलब्ध है और लाभार्थी अपने वर्तमान निवास स्थान पर ही नजदीकी उचित मूल्य की दुकान (PDS) या जनवितरण प्रणाली की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं।


2.90 करोड़ परिवारों के पास राशन कार्ड

राज्य में कुल 2.90 करोड़ परिवारों के पास राशन कार्ड हैं, जिनके माध्यम से 8.30 करोड़ से अधिक लोग मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं। जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक लाभार्थी पूर्वी चंपारण जिले में हैं, जहां 42.12 लाख लोग राशन योजना से जुड़े हैं। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 40.59 लाख, पटना में 38.73 लाख, समस्तीपुर में 37.04 लाख, मधुबनी में 35.83 लाख और दरभंगा में 34.41 लाख लाभुक हैं।


वहीं, सबसे कम लाभार्थी अरवल (4.58 लाख), शेखपुरा (4.96 लाख) और शिवहर (5.50 लाख) जिलों में हैं। राहत की बात यह है कि अरवल, कैमूर और बक्सर जिलों में 87 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है।


वैशाली में सबसे ज्यादा ई-केवाईसी लंबित

ई-केवाईसी के मामले में वैशाली जिला सबसे पीछे है। यहां 22 प्रतिशत यानी करीब 6.20 लाख राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी अब भी लंबित है। इसके बाद सीवान और सीतामढ़ी जिलों में लगभग 21 प्रतिशत लाभार्थियों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराई है।


समय रहते ई-केवाईसी जरूरी

खाद्य विभाग ने सभी राशन कार्ड धारकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराएं, ताकि उन्हें मुफ्त राशन योजना का लाभ बिना किसी बाधा के मिलता रहे। तय समय सीमा के बाद ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन रुक सकता है और नाम सूची से हटने की भी आशंका है।