ब्रेकिंग
पिता की स्कूटी लेकर निकला नाबालिग, तेज रफ्तार ने उजाड़ा परिवार, इवनिंग वॉक कर रही महिला की दर्दनाक मौत✦दरभंगा में पटाखे की चिंगारी से लगी भीषण आग, खजूर का पेड़ जलकर राख, इलाके में मची अफरा-तफरी✦अंडे की जगह बच्चों को खिला रहे थे बिस्कुट! डीएम के सामने बच्चों ने खोली गुरूजी की पोल, स्कूल की फाइलें जब्त✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦पिता की स्कूटी लेकर निकला नाबालिग, तेज रफ्तार ने उजाड़ा परिवार, इवनिंग वॉक कर रही महिला की दर्दनाक मौत✦दरभंगा में पटाखे की चिंगारी से लगी भीषण आग, खजूर का पेड़ जलकर राख, इलाके में मची अफरा-तफरी✦अंडे की जगह बच्चों को खिला रहे थे बिस्कुट! डीएम के सामने बच्चों ने खोली गुरूजी की पोल, स्कूल की फाइलें जब्त✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला

बिहार : पूजा का प्रसाद खाने के बाद 44 लोग बीमार, इलाके में मचा हड़कंप

VAISHALI : वैशाली से बड़ी खबर आ रही है, जहां प्रसाद खाने से 44 लोगगंभीर रूप से बीमार हो गए हैं. जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल हैं. इन लोगों में लगातार उल्टी और दस्त होने की शिकायत

बिहार : पूजा का प्रसाद खाने के बाद 44 लोग बीमार, इलाके में मचा हड़कंप
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

VAISHALI : वैशाली से बड़ी खबर आ रही है, जहां प्रसाद खाने से 44 लोगगंभीर रूप से बीमार हो गए हैं. जिनमें औरतें और बच्चे भी शामिल हैं. इन लोगों में लगातार उल्टी और दस्त होने की शिकायत है. बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना की खबर फैलने के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है. 


जानकारी के मुताबिक, घटना वैशाली थाना क्षेत्र के मोहिउद्दीनपुर इलाके की है. 13 जुलाई की शाम एक स्थानीय व्यक्ति के यहां गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सत्यनारायण भगवान की पूजा हुई थी. पूजा के बाद ग्रामीणों ने केले-दूध और गुड़ का बना प्रसाद खाया था. प्रसाद खाने के कुछ ही देर बाद ज्यादातर लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी. वहीं, कुछ लोग तुरंत बीमार पड़ने लगे थे. फिर धीरे-धीरे प्रसाद खाने वाले लगभग सभी लोगों की तबीयत खराब होने लगी. 


स्थानीय लोगों ने बताया कि बताया कि केला का प्रसाद खाने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई थी. जिसके बाद पहले उनका इलाज गांव में ही डॉक्टरों ने किया, लेकिन जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो सभी को आनन-फानन में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा. फिलहाल लोगों को अलग-अलग जगह भर्ती बताया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. 

टैग्स