Bihar PM Awas Yojana: बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान देने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2 लाख 35 हजार आवासों के गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीबों के लिए पक्का मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और आज बिहार के लिए गौरव का दिन है। बिहार के लिए 11 लाख से अधिक नए पक्के मकानों के लक्ष्य को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से लाभार्थियों को घर की चाभी और नए लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज बिहार में बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को उनके नए पक्के घर की सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब वर्ष 1986 में इंदिरा आवास योजना की शुरुआत हुई थी। इसके बाद वर्ष 2014 तक बिहार में बड़ी संख्या में गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित रहे।
सीएम सम्राट चौधरी ने दावा किया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनने के बाद बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को बड़े पैमाने पर पक्के मकान उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक बिहार के लिए करीब 50 लाख आवासों का आवंटन किया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव बताते हुए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
19 लाख छूटे परिवारों को भी मिला आवास का लाभ
मुख्यमंत्री ने अपने उपमुख्यमंत्री के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी। इस दौरान बिहार में वर्ष 2018 के सर्वे के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रह गए करीब 19 लाख परिवारों का मुद्दा उठाया गया था।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार के प्रयासों के बाद पिछले दो वर्षों में करीब 19 लाख लोगों को पक्का मकान देने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि यह गरीब परिवारों के लिए सिर्फ घर नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित भविष्य की गारंटी भी है।
बिहार को करीब 16 हजार करोड़ रुपये की राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि आवास योजना के तहत बिहार की जनता के लिए करीब 16 हजार करोड़ रुपये की राशि समर्पित की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र से मिलने वाली राशि के अलावा राज्य सरकार भी योजना में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती है। राज्य सरकार की ओर से करीब 40 प्रतिशत राशि अलग से उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। आवास मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों की जीवनशैली में बदलाव आएगा और उन्हें बारिश, गर्मी तथा अन्य मौसम की परेशानियों से राहत मिलेगी।
गृह प्रवेश से परिवारों में खुशी
2.35 लाख आवासों के गृह प्रवेश कार्यक्रम के जरिए बड़ी संख्या में परिवार अपने नए घर में प्रवेश कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से आवास का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीबों के चेहरे पर घर मिलने की खुशी सरकार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आवास, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पक्का मकान मिलने से गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दोनों मिलती है। सरकार आने वाले समय में भी आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
बिहार में 2.35 लाख परिवारों का गृह प्रवेश कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आवास सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, केंद्र और राज्य की साझेदारी से आने वाले समय में और अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान का लाभ मिलने की उम्मीद है।





