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REVENUE DEPARTMENT UPDATE: बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत! अब इस डेट तक मिलेगा ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र, जानिए क्या है नया अपडेट

बिहार के लाखों रैयतों (जमीन मालिकों) के लिए बड़ी खबर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र (LPC) जारी करने की समयसीमा बढ़ा दी है।

REVENUE DEPARTMENT UPDATE: बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत! अब इस डेट तक मिलेगा ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र, जानिए क्या है नया अपडेट
Tejpratap
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REVENUE DEPARTMENT UPDATE: बिहार के लाखों रैयतों (जमीन मालिकों) के लिए बड़ी खबर है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र (LPC) जारी करने की समयसीमा बढ़ा दी है। पहले यह सुविधा 31 दिसंबर 2025 तक ही उपलब्ध थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 तक कर दिया गया है। विभाग ने आम लोगों को हो रही परेशानियों को देखते हुए यह अहम फैसला लिया है। उप निदेशक मीना झा द्वारा इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।


क्या था पहले नियम?

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पूर्व में घोषणा की थी कि 1 जनवरी 2026 से भूमि राजस्व अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां केवल ऑनलाइन ही उपलब्ध होंगी। भौतिक (ऑफलाइन) प्रतियां देना बंद कर दिया जाएगा और डिजिटल हस्ताक्षरित ऑनलाइन दस्तावेजों को पूर्ण कानूनी मान्यता मिलेगी।

हालांकि, कई रैयतों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अपना निर्णय संशोधित किया है।


अब क्या है नया फैसला?

विभागीय जानकारी के अनुसार, विशेष परिस्थिति में 31 दिसंबर 2025 तक ऑफलाइन LPC देने की अनुमति थी। लेकिन अब इसे बढ़ा कर 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र जारी करने के लिए निर्देश दिए गए है। इसका मतलब है कि जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, वे अंचल कार्यालय जाकर ऑफलाइन तरीके से अपना प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।


ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ भी जारी

राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति/जनजाति रसीद धारकों को आवंटित भूमि पर 100% कब्जा सुनिश्चित करने के लिए ‘ऑपरेशन भूमि दखल देहानी’ अभियान भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को शीघ्र न्याय दिलाना और उनके अधिकार सुरक्षित करना है।


किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या ग्रामीण क्षेत्रों के वैसे रैयत बुजुर्ग जो जमीन मालिक है। इसके अलावा तकनीकी सुविधा से वंचित नागरिकों को अब वे सीधे अंचल कार्यालय जाकर अपना ऑफलाइन दखल-कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।