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Bihar News: बिहार में इस दिन से सैकड़ों घाटों पर शुरू होगा बालू खनन, अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए विशेष तैयारी

Bihar News: बिहार में इस दिन से 300 बालू घाटों पर खनन शुरू, पीला-सफेद बालू शामिल। तीन महीने बंदी के बाद राहत, सीसीटीवी-ड्रोन से अवैध गतिविधियों पर रहेगी निगरानी। राजस्व बढ़ेगा, निर्माण कार्यों को गति मिलेगी..

Bihar News
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार में बालू की किल्लत जल्द ही खत्म होने वाली है। तीन महीने के लंबे ब्रेक के बाद नदियों से खनन 16 अक्टूबर से फिर शुरू हो जाएगा। खान एवं भू-तत्व विभाग ने इस सत्र में करीब 300 घाटों को हरी झंडी दी है, जिनमें पीला और सफेद बालू दोनों शामिल हैं। मानसून के दौरान 15 जून को बंद हुए खनन से पहले सिर्फ 180 घाट सक्रिय थे, जिनमें 18 सफेद बालू के थे। अब नीलामी और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो विभाग ने सारी तैयारी कर ली है।


खनन शुरू होने से पहले अवैध बालू माफियाओं पर नजर रखने के इंतजाम कड़े हो गए हैं। विभाग सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखेगा। ढुलाई और बिक्री पर भी सख्ती बरती जाएगी, ताकि काला बाजार न फले। पहले बंदी के दौरान अवैध खनन की शिकायतें बढ़ गई थीं, लेकिन अब टेक्नोलॉजी से सब कंट्रोल में रहेगा। स्थानीय लोग राहत की सांस लेंगे, क्योंकि बालू के दामों में कमी आएगी और बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स पटरी पर लौटेंगे।


ये घाट गंगा, सोन, पुनपुन जैसी नदियों पर फैले हैं और पटना, रोहतास, मधुबनी जैसे जिलों में इनकी संख्या ज्यादा है। विभाग का अनुमान है कि इससे सालाना राजस्व में इजाफा होगा जो विकास योजनाओं के लिए फायदेमंद साबित होगा। लेकिन साथ ही पर्यावरण की चिंता भी है इसलिए नदियों का संतुलन बनाए रखने के लिए नियम सख्त होंगे। खनन कंपनियों को वॉल्यूम मापने के उपकरण लगाने पड़ेंगे और वाहनों का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।


कुल मिलाकर ये कदम बिहार के लिए सकारात्मक है। तीन महीने की बंदी ने कई प्रोजेक्ट्स को ठप कर दिया था, लेकिन अब चीजें पटरी पर लौट आएंगी। अगर आप निर्माण का काम कर रहे हैं तो 16 अक्टूबर के बाद बालू की सप्लाई के बारे में चेक करें। विभाग ने सभी को निर्देश दे दिए हैं तो उम्मीद है सब सुचारू रूप से चलेगा।