ब्रेकिंग
नरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की संभावना: मंगलवार को हो सकता है बड़ा ऐलान, इन नए चेहरों को मिल सकता है मौका; किसका कटेगा पत्ता?UP पुलिस ने शाहजहांपुर जाने से मुकेश सहनी को रोका, VIP चीफ का दावा- सरकार ने कराया हाउस अरेस्टमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा: नितिन गड़करी से करेंगे खास मुलाकात, बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तारभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: हथियारों की फॉरेंसिक जांच जारी, मोबाइल फोन से खुलेगा राज; पुलिस ने आम लोगों से मांगे वीडियोपटना कॉलेज के HOD पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, phD कराने का झांसा देकर केबिन में करते थे गंदी हरकत; दोनों तरफ से केसनरेंद्र मोदी कैबिनेट में फेरबदल की संभावना: मंगलवार को हो सकता है बड़ा ऐलान, इन नए चेहरों को मिल सकता है मौका; किसका कटेगा पत्ता?UP पुलिस ने शाहजहांपुर जाने से मुकेश सहनी को रोका, VIP चीफ का दावा- सरकार ने कराया हाउस अरेस्टमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का दिल्ली दौरा: नितिन गड़करी से करेंगे खास मुलाकात, बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को मिलेगी नई रफ्तारभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: हथियारों की फॉरेंसिक जांच जारी, मोबाइल फोन से खुलेगा राज; पुलिस ने आम लोगों से मांगे वीडियोपटना कॉलेज के HOD पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप, phD कराने का झांसा देकर केबिन में करते थे गंदी हरकत; दोनों तरफ से केस

Bihar News: बिहार में करोड़ों का पुल 15 दिन में ध्वस्त, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

Bihar News: सहरसा के महिषी में 5 करोड़ रुपये की लागत से बना कुंदह-भेलाही पुल 15 दिन में ध्वस्त। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ग्रामीण विकास मंत्री ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया..

Bihar News
घटनास्थल की तस्वीर
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar News: सहरसा जिले के महिषी प्रखंड के कुंदह पंचायत में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कुंदह-भेलाही सड़क सह पुलिया महज 15 दिनों में ध्वस्त हो गई है। तीन स्पैन वाले इस पुल का एक हिस्सा ढलाई के कुछ ही दिनों बाद टूट गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में लोकल सीमेंट, कोशी नदी का बालू और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। पीसीसी ढलाई केवल तीन इंच मोटी थी, जिसके कारण पुल और सड़क कमजोर हो गए। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि बिना टेंडर और साइनबोर्ड के इतने बड़े प्रोजेक्ट का काम कैसे शुरू हुआ, यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने आशंका जताई कि शेष ढाला गया पुल भी सेट्रिंग हटने पर गिर सकता है।


ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रिय रंजन दास ने सफाई दी है कि इस योजना में साइनबोर्ड लगाने का प्रावधान नहीं था और लगातार जलभराव के कारण ढलाई प्रभावित हुई है। अधीक्षण अभियंता ने दावा किया है कि ढलाई अधूरी थी और पानी आने के कारण सेट्रिंग समय से पहले हटा दी गई। हालांकि, सामने आई तस्वीरें इन दावों को कमजोर करती हैं।


इन सब के बाद अब ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यदि निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, फिर चाहे संवेदक हों या विभागीय अधिकारी। इस मामले में मंत्री ने अब उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।


रिपोर्टर: मनोज कुमार