Modi cabinet expansion: मोदी सरकार में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट फेरबदल का ऐलान मंगलवार को हो सकता है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद मंत्रिपरिषद में बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। इस फेरबदल में नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सबकी नजर
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर हो रही है। हालांकि, NDA की ओर से उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया है। साथ ही रवनीत सिंह बिट्टू और हरदीप सिंह पुरी जैसे मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव की अटकलें हैं।
नए चेहरों को मिल सकता है मौका
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में NDA को समर्थन देने वाले दलों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। इनमें तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों के नामों की चर्चा है। इसके अलावा संभावित नए चेहरों में भाजपा सांसद अरुण गोविल, शिवसेना नेता श्रीकांत शिंदे, पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास, वीडी शर्मा, तरुण चुघ और राघव चड्ढा जैसे नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
विदेश यात्रा और संसद सत्र के बीच समय निर्धारण
फेरबदल की टाइमिंग प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रमों को ध्यान में रखकर तय की जा रही है। पीएम मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की यात्रा पर हैं और 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा प्रस्तावित है। वहीं जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई के बीच भारत दौरे पर रहेंगी। इसके बाद 18 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, जो अगस्त तक चलेगा। ऐसे में माना जा रहा है कि मंगलवार को इस संबंध में बड़ी घोषणा की जा सकती है।
बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव
सूत्रों के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला बड़ा कैबिनेट फेरबदल होगा। इसमें क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद का पुनर्गठन किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ मंत्रालयों में भी बदलाव संभव है।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के विभागों में भी फेरबदल की अटकलें हैं। साथ ही बीएल वर्मा का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है, जिससे कैबिनेट में और बदलाव संभव हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, शीर्ष स्तर पर यह राय बन रही है कि अहम मंत्रालयों में नए और प्रभावी चेहरों को शामिल किया जाए, ताकि प्रशासनिक और राजनीतिक संतुलन बेहतर हो सके।




