Bihar News: सारण जिले के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा, योजना एवं लेखा) अजीत अमर अब आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर जांच के घेरे में आ गए हैं. जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के बाद मामले को आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के मुख्यालय भेज दिया गया है.
मामले की जांच के लिए उप विकास आयुक्त के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनाई गई थी. टीम ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है. रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने इसे शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन के पास भेज दिया है, जहां आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि अजीत अमर की करीब 32 महीने की नौकरी के दौरान वेतन के रूप में लगभग 27.43 लाख रुपये की आय हुई. वहीं इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में करीब 2.51 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन दर्ज किया गया है.
जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि उनकी पत्नी के नाम पर एकमा प्रखंड में करीब 120 कट्ठा जमीन खरीदी गई है. इस जमीन की कीमत लगभग 41.50 लाख रुपये बताई गई है. इसके अलावा लाखों रुपये की लागत से मकान निर्माण कराए जाने की बात भी जांच रिपोर्ट में सामने आई है.
शिकायत के बाद शुरू हुई थी जांच
मामले की शुरुआत एक संवेदक की शिकायत के बाद हुई थी. शिकायतकर्ता ने जिला लोक शिकायत निवारण कोषांग में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि काम दिलाने के नाम पर राशि की मांग की गई थी.
इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति का गठन किया. जांच के दौरान शिकायतकर्ता और डीपीओ के बीच हुए कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और अन्य सबूतों की भी जांच की गई.
जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में डीपीओ, उनकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खातों और संपत्तियों की विस्तृत जांच कराने की सिफारिश की है. इसके लिए बैंक, निबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों से जानकारी लेने की बात कही गई है.
जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने बताया कि जांच रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय स्तर पर भेज दिया गया है. अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया और निर्णय राज्य मुख्यालय से लिया जाएगा. फिलहाल पूरे मामले पर विभाग की नजर बनी हुई है.
छपरा से पवन कुमार की रिपोर्ट





