ब्रेकिंग
Bihar News : बिहार में महिला सिपाही को 5 साल की जेल! 16.25 लाख जुर्माना, 14 साल पुराने केस में बड़ा फैसला; जानिए क्या है मामला ✦मोतिहारी में EOU की बड़ी रेड, नगर पंचायत मुख्य पार्षद पति व BJP नेता के कई ठिकानों पर छापेमारी, जानिए क्या है पूरा मामला? ✦11 साल पुरानी दुश्मनी का हिसाब होगा पूरा ! निर्दलीय रहकर भी ‘छोटे सरकार’ ने NDA-जेडीयू को दिखाई थी अपनी ताकत; क्या इस बार नीरज लेंगे पुराना बदला?✦Samastipur News: दुकान बंद कर घर लौट रहे सोना कारोबारी की गोली मारकर हत्या, बाइक और सामान सुरक्षित मिलने से गहराया रहस्य✦Bihar MLC Election Result : अनंत सिंह के रसगुल्ले पर नीरज कुमार का पलटवार, बोले- जीत का दावा करने से पहले अपना राशिफल देख लें; मेरे खिलाफ रची गई साजिश माइनस में चली गई...✦Bihar News : बिहार में महिला सिपाही को 5 साल की जेल! 16.25 लाख जुर्माना, 14 साल पुराने केस में बड़ा फैसला; जानिए क्या है मामला ✦मोतिहारी में EOU की बड़ी रेड, नगर पंचायत मुख्य पार्षद पति व BJP नेता के कई ठिकानों पर छापेमारी, जानिए क्या है पूरा मामला? ✦11 साल पुरानी दुश्मनी का हिसाब होगा पूरा ! निर्दलीय रहकर भी ‘छोटे सरकार’ ने NDA-जेडीयू को दिखाई थी अपनी ताकत; क्या इस बार नीरज लेंगे पुराना बदला?✦Samastipur News: दुकान बंद कर घर लौट रहे सोना कारोबारी की गोली मारकर हत्या, बाइक और सामान सुरक्षित मिलने से गहराया रहस्य✦Bihar MLC Election Result : अनंत सिंह के रसगुल्ले पर नीरज कुमार का पलटवार, बोले- जीत का दावा करने से पहले अपना राशिफल देख लें; मेरे खिलाफ रची गई साजिश माइनस में चली गई...

बिहार में मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी की शुरुआत, पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में सफल वाल्व रिप्लेसमेंट

पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में बिहार में पहली बार मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी तकनीक से सफल हृदय वाल्व प्रतिरोपण किया गया। डॉ. कुणाल कृष्णा और डॉ. आज़म के नेतृत्व में दो जटिल हार्ट सर्जरी सफल रहीं, जिसे राज्य के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि म

बिहार न्यूज
अब बिहार से बाहर जाने की जरूरत नहीं
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राजधानी पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में पहली बार मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी तकनीक से सफल हृदय वाल्व प्रतिरोपण किया गया है। विशेषज्ञों ने इसे बिहार में हार्ट सर्जरी के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत बताते हुए कहा कि अब जटिल हृदय शल्य चिकित्सा के लिए मरीजों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 


14 अगस्त 2026 को पटना के राजेश्वर हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी मीडिया बंधुओं को यह बताते हुए हमें अत्यंत खुशी है कि हृदय शल्य चिकित्सा (हार्ट सर्जरी) के क्षेत्र में बिहार में एक मील का पत्थर हासिल किया गया है।वैसे तो पूरी दुनिया में हृदय शल्य चिकित्सकों (हार्ट सर्जन) की भारी कमी है, और बिहार में लगभग 12 करोड़ की आबादी पर सिर्फ 15 से 20 हार्ट सर्जन ही उपलब्ध हैं। यह संख्या भले ही कम प्रतीत हो, परंतु यह अत्यंत उत्साहवर्धक उपलब्धि है।


इस बात की जानकारी देते हुए संस्था के सचिव धीरज शांडिल्य ने बताया कि 13 अगस्त को एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जन्स (ACTS) के सौजन्य से राजेश्वर हॉस्पिटल में मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी की शुरुआत की गई, जिसका नेतृत्व एवं आयोजन हमारे हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. कुणाल कृष्णा ने किया।


इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष (ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन) डॉ. कुणाल कृष्णा ने बताया कि इस दौरान दो प्रकार की हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गईं, जो बिहार में मिनिमली इनवेसिव तकनीक के माध्यम से हृदय शल्य चिकित्सा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इनके नेतृत्व में बिहार में हुई मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी की यह कार्यशाला आगामी समय में हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत मानी जा सकती है। इस पूरे कार्यक्रम हेतु विशेष सर्जन डॉ. आज़म जी का भी अलीगढ़ से बिहार आगमन हुआ।


इस मौके पर डॉ. आज़म ने कहा कि बिहार आकर मैं काफी खुश हूं और हार्ट सर्जरी की हर तरक्की देखकर मैं बहुत उत्साहित हूं। मैं अगली बार भी आना पसंद करूंगा, और मैं बिहार के पूरे एसोसिएशन को हार्ट सर्जरी के क्षेत्र में बहुत शुभकामनाएं देता हूं। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में हमारी संस्था के अध्यक्ष सह एम्स के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. संजीव कुमार, हमारे उपाध्यक्ष डॉ. मनमोहन, हमारी संयुक्त सचिव डॉ. प्रगति कपूर तथा हमारे कोषाध्यक्ष डॉ. संतोष पांडे के नेतृत्व एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह संस्था आगामी समय में हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में बिहार को पूर्णतः आत्मनिर्भर बनाने हेतु संकल्पित है।


इसी कड़ी में जो मिनिमली इनवेसिव सर्जरी की गई, उसमें हृदय वाल्व (heart valve) का सफलतापूर्वक प्रतिरोपण (रिप्लेसमेंट) किया गया। ऑपरेशन के बाद दोनों मरीज पूर्णतः सुरक्षित हैं, और उनके परिजनों में भी हर्ष का माहौल है। सर्जरी करने वाले मुख्य सर्जन में डॉ. आज़म एवं डॉ. कुणाल कृष्णा शामिल थे।


इस मौके पर राजेश्वर हॉस्पिटल के निदेशक (डायरेक्टर) डॉ. अरुण कुमार ने सभी चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि आपने जो कार्य किया है, यह निश्चित रूप से बिहार के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने सभी को बधाई दी। इसी कड़ी में आज शाम बिहार के पहले हार्ट सर्जन्स की संस्था का उद्घाटन भी किया जा रहा है।


इस मौके पर भारत के प्रसिद्ध हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. प्रदीप नारायण, बिहार के सीनियर मोस्ट कार्डियक सर्जन डॉ. अरविंद, डॉ. अजीत प्रधान सहित अन्य लोगों में डॉ. लक्ष्मी सिन्हा, डॉ. प्रवीण, डॉ. गजनफर, डॉ. आंद्रे, डॉ. बिरबल झा, डॉ. अरविंद गोयल एवं कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आम जनमानस के लिए यह विशेष जानकारी है कि अब किसी भी मरीज को हृदय संबंधी शल्य चिकित्सा हेतु बिहार से बाहर महानगरों का रुख करने की आवश्यकता नहीं है। अब सभी प्रकार की हृदय शल्य चिकित्सा (हार्ट सर्जरी) अपने बिहार में ही संभव है।

टैग्स