समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर से देर रात सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में एक सोना कारोबारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कारोबारी रोज की तरह अपनी दुकान बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे, तभी पगरा चौक के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया। गोली लगने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गए।
मृतक की पहचान सरदारगंज निवासी राजेश कुमार पोद्दार के रूप में हुई है। राजेश कुमार काली चौक के पास सोने-चांदी के आभूषण की दुकान चलाते थे। देर रात हुई इस हत्या की खबर जैसे ही इलाके में फैली, लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
दुकान बंद की और घर के लिए निकले थे राजेश
बताया जा रहा है कि राजेश कुमार पोद्दार रोजाना की तरह अपनी दुकान बंद करने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। रात में जब वह पगरा चौक के पास पहुंचे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली लगने से राजेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों और परिजनों को घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। कारोबारी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लूट के लिए हत्या? लेकिन सामान सुरक्षित मिलने से उलझी गुत्थी
सोना कारोबारी की हत्या के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राजेश कुमार पोद्दार को गोली क्यों मारी गई? चूंकि मृतक सोने-चांदी के आभूषण का कारोबार करते थे और देर रात दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, इसलिए शुरुआती तौर पर पुलिस के सामने लूटपाट का एंगल भी आया। आमतौर पर ऐसे मामलों में अपराधियों की नजर कारोबारी के पास मौजूद नकदी या कीमती सामान पर होती है।
लेकिन इस मामले में घटनास्थल से जो तस्वीर सामने आई, उसने जांच को दूसरी दिशा में मोड़ दिया है। कारोबारी की बाइक और उनके पास मौजूद थैली का सामान सुरक्षित मिला है। अगर हत्या का मकसद लूट था, तो फिर सामान लेकर अपराधी क्यों नहीं भागे? यही सवाल अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी पहेली बना हुआ है। पुलिस ने मृतक की बाइक और अन्य सामान को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या से पहले कारोबारी का किसी व्यक्ति से विवाद या संपर्क हुआ था या नहीं।
क्या पहले से घात लगाए बैठे थे बदमाश?
जिस तरह से राजेश कुमार पोद्दार को दुकान बंद करने के बाद घर लौटते समय गोली मारी गई, उससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अपराधियों को उनकी गतिविधियों की जानकारी थी? क्या बदमाश पहले से कारोबारी का पीछा कर रहे थे? क्या उन्हें पता था कि राजेश किस समय दुकान बंद करते हैं और किस रास्ते से घर जाते हैं? या फिर पगरा चौक के पास अचानक मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया गया?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आएंगे। पुलिस अब मृतक के मोबाइल फोन की जानकारी, कॉल डिटेल और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश होगी कि घटना से पहले उनकी किसी से बातचीत या विवाद तो नहीं हुआ था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पगरा चौक और उसके आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय उस इलाके से कौन-कौन लोग और वाहन गुजरे थे। अगर किसी संदिग्ध व्यक्ति या बाइक की तस्वीर कैमरे में कैद हुई है, तो उससे अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को अहम सुराग मिल सकता है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात में कितने अपराधी शामिल थे और हमलावर किस दिशा में भागे।
घटनास्थल पर पहुंची FSL टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल पर एफएसएल टीम को बुलाया। टीम ने वैज्ञानिक तरीके से घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई। गोलीबारी से जुड़े साक्ष्य, आसपास की स्थिति और अन्य संभावित सबूतों को सुरक्षित किया गया है। इन साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस को वारदात की पूरी तस्वीर समझने में मदद मिल सकती है।
समस्तीपुर के ग्रामीण एसपी आशीष कुमार रंजन ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल की जांच की है। उन्होंने बताया कि मृतक की बाइक और अन्य सामान सुरक्षित मिले हैं। परिवार के लोगों से बातचीत की जा रही है और हत्या के सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
परिवार ने कहा- किसी से दुश्मनी नहीं थी
राजेश कुमार पोद्दार की हत्या के बाद परिवार के लोगों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में परिवार के लिए यह समझना मुश्किल है कि आखिर किस वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस के सामने हत्या की वजह सबसे बड़ा सवाल है। लूटपाट की आशंका इसलिए कमजोर पड़ रही है क्योंकि कारोबारी की बाइक और सामान सुरक्षित मिला है। दूसरी तरफ, परिवार की ओर से किसी दुश्मनी की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में क्या यह हत्या किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है? क्या अपराधियों को कारोबारी के बारे में पहले से जानकारी थी? या फिर इसके पीछे कोई ऐसा कारण है, जो अभी पुलिस की जांच से बाहर है? इन सवालों का जवाब सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक जांच और पुलिस की पड़ताल से ही सामने आएगा। फिलहाल दलसिंहसराय पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और वारदात के पीछे की असली वजह का पता लगाने की कोशिश कर रही है।





