Bihar MLC Election Result: बिहार विधान परिषद चुनाव की मतगणना के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है। जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार ने चुनाव को लेकर बनाए गए माहौल और अपने खिलाफ कथित राजनीतिक साजिश पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। नीरज कुमार ने कहा कि इस बार चुनाव को जरूरत से ज्यादा हाइप दिया गया, मीडिया में तरह-तरह की बातें हुईं और उनके खिलाफ कई तरह की रणनीति बनाई गई, लेकिन इसका असर स्नातक मतदाताओं पर नहीं पड़ा।
नीरज कुमार ने पुराने चुनावों को याद करते हुए कहा कि पहले एमएलसी चुनाव का तरीका बिल्कुल अलग हुआ करता था। प्रखंड स्तर पर बैठकें होती थीं और उसी आधार पर चुनावी रणनीति तैयार कर ली जाती थी। लेकिन इस बार चुनाव को लेकर जिस तरह का माहौल बनाया गया, उससे यह चुनाव सामान्य चुनाव से कहीं ज्यादा चर्चा में आ गया।
उन्होंने कहा कि मीडिया में चुनाव को लेकर लगातार तरह-तरह की बातें होती रहीं और उनके खिलाफ भी कई तरह के समीकरण गढ़े गए। बावजूद इसके मतदाताओं ने इन बातों को कोई खास महत्व नहीं दिया। नीरज कुमार के मुताबिक, उनके खिलाफ जितना भी राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया, उसका असर जमीन पर नहीं दिखा।
‘मीडिया के हाइप का स्नातक मतदाताओं पर नहीं पड़ा असर’
नीरज कुमार ने दावा किया कि चुनाव को लेकर जितना हाइप बनाया गया था, स्नातक मतदाताओं ने उतना ही शांत रहकर अपना फैसला किया। उन्होंने कहा कि मतदाता किसी राजनीतिक शोर या बयानबाजी से प्रभावित नहीं हुए। नीरज कुमार का यह बयान ऐसे समय आया है जब पटना स्नातक सीट पर उनके मुकाबले जन सुराज समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह को लेकर भी काफी चर्चा रही। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने खुलकर अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार किया था और चुनाव जीतने का दावा भी किया था।
अनंत सिंह के रसगुल्ले वाले दावे पर नीरज का तंज
अनंत सिंह की ओर से चुनाव जीतने के दावे और समर्थकों के लिए रसगुल्ले समेत तमाम तैयारियों को लेकर पूछे गए सवाल पर नीरज कुमार ने सीधे तौर पर उनका नाम लेते हुए तंज कसा। नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव में जीत का दावा हर व्यक्ति करता है, लेकिन असली तस्वीर मतदाताओं के रुझान से सामने आती है। उन्होंने खास तौर पर मोकामा, बाढ़ और अथमलगोला इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्हें मतदाताओं का रुझान देखने को मिला और उससे उन्हें समझ में आया कि लोगों का भरोसा किस पर है।
नीरज कुमार ने कहा कि लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कानून के राज पर भरोसा है। उनके मुताबिक, मोकामा और आसपास के इलाकों में किसी तरह की दहशत का माहौल नहीं था, बल्कि बड़ी संख्या में लोग चुनावी गतिविधियों में शामिल नजर आए।
‘पहले अपना राशिफल देख लें अनंत सिंह’
अनंत सिंह के चुनाव जीतने के दावे पर नीरज कुमार ने बेहद चुटीले अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर अनंत सिंह चुनाव जीतने का दावा कर रहे थे तो उन्हें पहले अपना राशिफल देख लेना चाहिए था। नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि जिस ज्योतिषी ने उन्हें गणना करके चुनाव को लेकर कुछ बताया था, अब उन्हें उसी ज्योतिषी से यह भी पूछना चाहिए कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है।
नीरज कुमार का यह बयान अनंत सिंह के पार्टी से निष्कासन के बाद और भी राजनीतिक मायने रखता है। चुनाव के दौरान दोनों खेमों के बीच खुली राजनीतिक खींचतान देखने को मिली थी। अनंत सिंह ने जहां नीरज कुमार के खिलाफ उम्मीदवार के समर्थन में मोर्चा संभाला, वहीं नीरज कुमार लगातार पार्टी और एनडीए के समर्थन को अपनी ताकत बताते रहे।
निष्कासन और सरकारी आवास पर भी बोले नीरज
अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी के जेडीयू से निष्कासन तथा सरकारी आवास से जुड़े सवाल पर भी नीरज कुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति गलत के खिलाफ कार्रवाई करता है तो कार्रवाई होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी से निष्कासन का अधिकार उनके पास नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी से निष्कासन का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष के पास है। वहीं सरकारी भवन या आवास से जुड़े फैसले का अधिकार भवन निर्माण विभाग के पास है और इस मामले में वही बेहतर तरीके से जानकारी दे सकता है।
‘नीतीश-निशांत की जोड़ी कमजोर करने की साजिश बर्दाश्त नहीं’
नीरज कुमार ने अपने बयान के आखिर में पार्टी के भीतर चल रही राजनीतिक खींचतान को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और निशांत कुमार की जोड़ी को कमजोर करने की कोशिश अगर कोई करता है तो इसे जेडीयू के कार्यकर्ता बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि एनडीए भी इस तरह की कोशिश को स्वीकार नहीं करेगा।
दरअसल, अनंत सिंह के निष्कासन के बाद जेडीयू की अंदरूनी राजनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। एमएलसी चुनाव के दौरान खुलकर सामने आया यह टकराव अब चुनाव परिणाम के साथ नए राजनीतिक समीकरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नतीजों के बाद नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच शुरू हुई यह राजनीतिक तकरार किस दिशा में जाती है। फिलहाल नीरज कुमार अपने समर्थकों के भरोसे और एनडीए के संगठनात्मक समर्थन को अपनी ताकत बता रहे हैं, जबकि अनंत सिंह के चुनावी दावे की असली परीक्षा मतगणना के अंतिम नतीजे से होगी।





