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Bihar News: बिहार में अब सुपर स्पीड से भेजे जाएंगे पार्सल, यहाँ ₹20 करोड़ खर्च कर होगा हाईटेक पोस्टल हब का निर्माण

Bihar News: पटना के गर्दनीबाग में 20 करोड़ की लागत से बनेगा बिहार का सबसे बड़ा पार्सल हब। ऑटोमेटेड मेल प्रोसेसिंग सेंटर से चिट्ठियां और पार्सल तेजी से पहुंचेंगे। जानें कैसे पटना जंक्शन से शिफ्ट होगा ऑफिस और क्या होगा फायदा..

Bihar News
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: पटना के गर्दनीबाग इलाके में डाक विभाग की सेवाओं को एक नया आयाम मिलने वाला है। यहां पांच एकड़ जमीन पर 20 करोड़ रुपये की लागत से बिहार का सबसे बड़ा हाईटेक पार्सल हब तैयार किया जा रहा है। यह केंद्र न सिर्फ चिट्ठियों और पार्सलों को आधुनिक तरीके से छांटेगा बल्कि पूरे राज्य की डाक व्यवस्था को तेज और विश्वसनीय बना देगा।


फिलहाल पटना जंक्शन पर रेलवे मेल सर्विस (आरएमएस) में हो रही छंटाई को यहां शिफ्ट करने की योजना है, जिससे विभाग को हर महीने साढ़े तीन लाख रुपये का किराया बच जाएगा। डाक अधिकारियों के मुताबिक, यह हब बनने से पार्सल एक्सप्रेस स्पीड से लोगों तक पहुंचेंगे, खासकर ई-कॉमर्स के जमाने में जहां देरी से ग्राहक नाराज हो जाते हैं।


यह हाईटेक सेंटर पूरी तरह ऑटोमेटेड होगा। यहां लगाई जाने वाली एडवांस्ड मेल प्रोसेसिंग सेंटर (AMPC) मशीन चमत्कारिक काम करेगी। एक बार जब चिट्ठी या पार्सल मशीन में डाला जाएगा तो वह अपने आप पिन कोड और डीजी पिन के आधार पर अलग-अलग ट्रे में पहुंच जाएगा। पहले मैनुअल छंटाई में घंटों लग जाते थे, लेकिन अब यह प्रक्रिया मिनटों में पूरी हो जाएगी।


छंटाई के बाद ये पार्सल सड़क मार्ग से बिहार के विभिन्न जिलों के छोटे हबों तक भेजे जाएंगे। वर्तमान में पटना, गया, मुजफ्फरपुर और बरौनी में छोटे स्तर के हब चल रहे हैं, लेकिन गर्दनीबाग का यह केंद्रीय हब पूरे राज्य की डाक को नियंत्रित करेगा। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि गलत डिलीवरी की शिकायतें भी कम होंगी।


पटना जंक्शन का पुराना आरएमएस ऑफिस किराए पर चल रहा है जो विभाग के लिए बोझ था। नया हब बनने के बाद सब कुछ एक छत के नीचे आ जाएगा, जिससे संचालन आसान और कुशल हो जाएगा। डाक विभाग ने बताया कि यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की 'डिजिटल इंडिया' पहल का हिस्सा है जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में डाक सेवाओं को मजबूत करेगा। बिहार जैसे राज्य में जहां ई-कॉमर्स तेजी से बढ़ रहा है, यह हब किसानों से लेकर छोटे व्यापारियों तक सबके लिए वरदान साबित होगा। पार्सल अब घंटों की बजाय मिनटों में छांटे जाएंगे, और ट्रैकिंग सिस्टम से ग्राहक को रीयल-टाइम अपडेट मिलेगा।


कुल मिलाकर, गर्दनीबाग का यह पार्सल हब बिहार की डाक व्यवस्था को आधुनिक भारत के मानकों पर ला देगा। पहले जहां देरी आम बात थी, अब एक्सप्रेस डिलीवरी स्टैंडर्ड बनेगी। विभाग का लक्ष्य है कि यह केंद्र अगले साल तक चालू हो जाए, जिससे लाखों लोगों को फायदा पहुंचे।