ब्रेकिंग
बिहार में नशे के कारोबार पर प्रहार: पुलिस के बड़े ऑपरेशन में करोड़ों के नशीले पदार्थ जब्त, 448 तस्कर अरेस्टपटना में RCD का इंजीनियर 'साला' के साथ मिलकर चलाता था ठगी गैंग ! एक 'लड़की' के मेडिकल में एडमिशन के नाम पर लिया 28 लाख रू, फिर क्या हुआ....तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनेंगे एक्टर विजय, 10 मई को चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोहलापरवाही से पुल टूटा तो इंजीनियर-अफसरों पर होगी कार्रवाई, विक्रमशिला हादसे के बाद सम्राट सरकार सख्तकुमार प्रबोध का ब्लॉग: सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए किन मंत्रियों को चुना है? क्या नीतीश, श्रेयसी औऱ शैलेंद्र भरोसे पर खरा उतरेंगे?बिहार में नशे के कारोबार पर प्रहार: पुलिस के बड़े ऑपरेशन में करोड़ों के नशीले पदार्थ जब्त, 448 तस्कर अरेस्टपटना में RCD का इंजीनियर 'साला' के साथ मिलकर चलाता था ठगी गैंग ! एक 'लड़की' के मेडिकल में एडमिशन के नाम पर लिया 28 लाख रू, फिर क्या हुआ....तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बनेंगे एक्टर विजय, 10 मई को चेन्नई में शपथ ग्रहण समारोहलापरवाही से पुल टूटा तो इंजीनियर-अफसरों पर होगी कार्रवाई, विक्रमशिला हादसे के बाद सम्राट सरकार सख्तकुमार प्रबोध का ब्लॉग: सम्राट चौधरी ने अपने विजन को पूरा करने के लिए किन मंत्रियों को चुना है? क्या नीतीश, श्रेयसी औऱ शैलेंद्र भरोसे पर खरा उतरेंगे?

Bihar News: बिहार के इस शहर में AQI 500 से ऊपर, विशेषज्ञों ने बचाव के लिए जारी किए सुझाव

Bihar News: बिहार के इस शहर का AQI 500+ पर पहुंचा, फेफड़ों और सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ा। MIT में 529, समाहरणालय में 540, अतरदाह में 539 AQI। विशेषज्ञों ने जारी किए सुझाव..

Bihar News
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में वायु प्रदूषण ने इस साल का सबसे खतरनाक रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस शहर का AQI 500 से ऊपर पहुंच गया जो 'अति गंभीर' श्रेणी से भी बदतर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटरिंग स्टेशनों से मिले आंकड़ों के अनुसार, यह स्तर देर रात और सुबह के समय सबसे ज्यादा दर्ज हुआ। इससे सांस लेना मुश्किल हो गया है और बुजुर्गों, बच्चों व अस्थमा रोगियों में स्वास्थ्य जोखिम तेजी से बढ़ रहा है।


शहर के प्रमुख इलाकों में स्थिति भयावह है। समाहरणालय क्षेत्र में AQI 540, अतरदाह में 539, MIT में 529, बुद्धा कॉलोनी में 549 और ओवरऑल शहर का औसत 520 रहा। ये आंकड़े PM2.5 और PM10 जैसे कणों की भारी मात्रा दर्शाते हैं जो निर्माण कार्य, वाहनों के धुएं, धूल-मिट्टी और तापमान अंतर से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे संपर्क से फेफड़ों में सूजन, सांस फूलना और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।


विशेषज्ञों ने तुरंत बचाव के उपाय सुझाए हैं। डॉ. राजेश कुमार (CUSB पर्यावरण विशेषज्ञ) ने कहा कि AQI 500+ पर घर से बाहर न निकलें, खिड़कियां-दरवाजे बंद रखें और एयर प्यूरीफायर चलाएं। अगर बाहर जाना जरूरी हो तो N95 मास्क पहनें। चिकित्सक डॉ. अनुराग सिंह ने सलाह दी है कि अस्थमा या सांस रोगी दवाइयां समय पर लें, भाप लें और ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें। स्वच्छ हवा वाले कमरे में रहें और धूम्रपान से दूर रहें।


नगर निगम ने पानी छिड़काव बढ़ाया है, लेकिन विशेषज्ञ वृक्षारोपण और वाहन उत्सर्जन नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। जिला प्रशासन और नगर निगम अलर्ट मोड में हैं। प्रभावित क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए स्प्रिंकलिंग शुरू हो गई है। यह रिकॉर्ड स्तर का प्रदूषण सर्दी के मौसम में बिहार के अन्य शहरों के लिए भी चेतावनी है। लोग हर हाल में सावधानी बरतें, ताकि स्वास्थ्य संकट और न बढ़े।

संबंधित खबरें