Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच जल संसाधन विभाग की 4 सितंबर 2026 की सुबह की रिपोर्ट ने नदी-बैराजों की स्थिति की तस्वीर साफ कर दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक सोन नदी के इंद्रपुरी बैराज में पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है, जबकि कोसी और गंडक बैराज से छोड़े जा रहे पानी में कमी दर्ज की गई है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
जल संसाधन विभाग, बिहार की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 4 सितंबर को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक तीन प्रमुख बैराजों के डिस्चार्ज की निगरानी की गई। आंकड़ों में पिछले दो घंटों के आधार पर नदी के बहाव की प्रवृत्ति यानी ट्रेंड भी दर्ज किया गया है।
सोन में लगातार बढ़ रहा पानी, इंद्रपुरी बैराज पर बढ़ा डिस्चार्ज
रिपोर्ट में सबसे ज्यादा ध्यान सोन बैराज, इंद्रपुरी पर है। यहां सुबह 8 बजे और 9 बजे 4,35,260 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। इसके बाद 10 बजे यह बढ़कर 4,61,609 क्यूसेक पहुंच गया। सुबह 11 बजे तक डिस्चार्ज और बढ़ते हुए 4,74,429 क्यूसेक हो गया। यानी तीन घंटे के भीतर इंद्रपुरी बैराज से डिस्चार्ज में करीब 39 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट में इसका ट्रेंड स्पष्ट रूप से 'Rising' यानी बढ़ता हुआ बताया गया है।
इंद्रपुरी बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 14.58 लाख क्यूसेक बताई गई है। फिलहाल दर्ज किया गया डिस्चार्ज इस डिजाइन क्षमता से कम है, लेकिन पानी के बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए सोन नदी से जुड़े क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है।
कोसी बैराज वीरपुर से पानी घटा
दूसरी ओर कोसी बैराज, वीरपुर से पानी के डिस्चार्ज में कमी दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे से 10 बजे तक यहां 2,11,850 क्यूसेक डिस्चार्ज दर्ज किया गया। लेकिन 11 बजे तक यह घटकर 2,02,310 क्यूसेक हो गया। रिपोर्ट में कोसी बैराज का ट्रेंड 'Falling' यानी गिरता हुआ दर्ज किया गया है। सुबह 8 बजे की तुलना में 11 बजे तक डिस्चार्ज में 9,540 क्यूसेक की कमी आई है। कोसी बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 9.50 लाख क्यूसेक है। मौजूदा आंकड़ों में डिस्चार्ज इससे काफी नीचे है, हालांकि नदी के बहाव में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से भी कम हुआ बहाव
गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर से भी पानी के डिस्चार्ज में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे, 9 बजे और 10 बजे यहां 1,44,500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज हुआ। सुबह 11 बजे यह घटकर 1,42,800 क्यूसेक रह गया।इस तरह तीन घंटे में गंडक बैराज से डिस्चार्ज में 1,700 क्यूसेक की कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट में इसका ट्रेंड भी 'Falling' बताया गया है। गंडक बैराज की डिजाइन डिस्चार्ज क्षमता 8.50 लाख क्यूसेक है। मौजूदा डिस्चार्ज इस क्षमता की तुलना में काफी कम है।
तीनों बैराजों की स्थिति से क्या संकेत?
4 सितंबर की सुबह 11 बजे तक सामने आए आंकड़ों से बिहार की तीन प्रमुख नदियों की स्थिति अलग-अलग नजर आ रही है। सोन नदी के इंद्रपुरी बैराज में डिस्चार्ज बढ़ रहा है, जबकि कोसी के वीरपुर और गंडक के वाल्मीकिनगर बैराज में पानी का बहाव घट रहा है।
खास तौर पर सोन में लगातार बढ़ता डिस्चार्ज उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है जो नदी के निचले हिस्सों में आते हैं। वहीं कोसी और गंडक में फिलहाल गिरावट राहत देने वाला संकेत हो सकता है, लेकिन नदियों का जलस्तर और बैराज डिस्चार्ज मौसम, ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बारिश तथा नदी में आने वाले नए पानी के कारण तेजी से बदल सकता है। ऐसे में सिर्फ एक समय के आंकड़े के आधार पर बाढ़ की स्थिति का अंतिम अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अगले अपडेट और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
प्रशासन की नजर, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
जल संसाधन विभाग के इन आंकड़ों से साफ है कि बिहार की प्रमुख नदियों में पानी का दबाव एक जैसा नहीं है। जहां सोन में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं कोसी और गंडक में फिलहाल कमी का ट्रेंड है।नदी किनारे रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने और नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव की स्थिति में सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर सोन नदी से जुड़े इलाकों में बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए आने वाले घंटों के आंकड़े अहम होंगे।





