Bihar Crime News: मधुबनी जिले के पंडौल थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार ने मारपीट, लूटपाट और अपहरण के गंभीर आरोप लगाए हैं. पीड़ित जितेंद्र कुमार मंडल का आरोप है कि जमीन विवाद के चलते पहले उनका घर उजाड़ दिया गया, जिसके बाद उन्हें परिवार के साथ गांव छोड़कर ससुराल में शरण लेनी पड़ी. अब ससुराल में भी हमला होने का आरोप लगाया गया है.
पीड़ित जितेंद्र कुमार मंडल के अनुसार, वर्ष 2021 में राजेग्राम गांव में जमीन को लेकर विवाद हुआ था. उनका आरोप है कि इस विवाद के बाद भौर पंचायत के वार्ड नंबर 6 के वार्ड सदस्य राम कुमार मंडल ने उनका घर उजाड़ दिया. घर टूटने के बाद उन्हें परिवार के साथ गांव छोड़ना पड़ा और उन्होंने बिट्ठो स्थित अपने ससुराल में शरण ली.
पीड़ित का आरोप है कि 19 अक्टूबर 2026 को ससुराल में भी जमीन विवाद को लेकर हमला किया गया. जितेंद्र के मुताबिक, उनके ससुर संतोष चौधरी पर 45 हजार रुपये के कर्ज के बदले जमीन हड़पने का दबाव बनाया जा रहा था. इसी विवाद को लेकर लुक्कर यादव समेत अन्य लोगों के वहां पहुंचने और मारपीट करने का आरोप है.
जितेंद्र ने आरोप लगाया कि इस घटना में दिलीप झा भी शामिल था. उन्होंने अपने ससुर संतोष चौधरी को जबरन अपने साथ ले जाने और घर में लूटपाट किए जाने का भी आरोप लगाया है.
घटना में जितेंद्र कुमार मंडल और उनकी मां गीता देवी के घायल होने की बात सामने आई है. दोनों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है. परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे डर के माहौल में रह रहे हैं. पीड़ित परिवार के एक छोटे बच्चे के डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समाचार कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकार को देखकर वह बेड के नीचे छिप गया.
पुलिस पर मदद नहीं करने और पैसे मांगने का आरोप
पीड़ित जितेंद्र कुमार मंडल ने पंडौल थाना पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने उनकी मदद नहीं की. पीड़ित ने पुलिस पर पैसे मांगने का भी आरोप लगाया है.
जितेंद्र का कहना है कि वह अपनी शिकायत लेकर वरीय अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एसएसपी और डीएसपी से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इस वजह से वह अपनी फरियाद अधिकारियों तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं.
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. परिवार का कहना है कि जमीन विवाद के कारण पहले उनका घर छिना और अब ससुराल में भी हमला होने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है.





