Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर मतदान के बीच मोकामा में हुए विवाद ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। नीरज कुमार और अनंत सिंह समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जेडीयू विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह ने अपने समर्थकों पर हुई कार्रवाई को लेकर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से चुनाव के नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा और जनता ही अंतिम फैसला करेगी।
अनंत सिंह ने कहा कि जनता उनके लिए मालिक भी है और भगवान भी। उन्होंने दावा किया कि वोट कोई खरीदकर नहीं लाया जा सकता। उनके मुताबिक, मतदाता जिसे पसंद करेंगे, उसी के पक्ष में मतदान करेंगे।उन्होंने कहा, “जनता हमारा मालिक है और भगवान है और वही वोट भी देंगे। दुकान से कोई वोट खरीदकर नहीं लाएगा।”
मोकामा की झड़प पर बोले- बेकसूर लोगों को पकड़ने से क्या होगा?
मोकामा प्रखंड कार्यालय के पास अनंत सिंह समर्थकों और नीरज कुमार समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इसी कार्रवाई पर अनंत सिंह ने कहा कि उनके लोगों के खिलाफ कार्रवाई से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार के घर से जुड़े लोगों और उनके समर्थकों ने उनके ऐसे लोगों के नाम पुलिस को बताए, जो उनके यहां काम करते थे। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों को पकड़ लिया।
उन्होंने कहा कि अगर उनके समर्थकों पर कार्रवाई हुई भी है तो इससे उनके उम्मीदवार के पक्ष में पड़ने वाले वोट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अनंत सिंह ने यहां तक दावा किया कि कार्रवाई के बावजूद जनता उनके उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेगी।उनका कहना था कि “बेकसूर पांच आदमी को पकड़ लेने से क्या होगा? कुछ भी नहीं होगा।”अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई से चुनावी समीकरण नहीं बदलने वाला है। उन्होंने दावा किया कि जनता पहले ही अपना मन बना चुकी है और मतदान के जरिए उसका फैसला सामने आएगा।
‘जनता जीत का पटाखा फोड़ रही है’
अनंत सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि वह शुरुआत से ही जनता को सर्वोपरि मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि मतदाता उनके समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।अनंत सिंह के मुताबिक, “हम तो शुरू से कह रहे हैं जनता मालिक है और वही भगवान है। अब वही लोग जीत का पटाखा फोड़ रहे हैं।”उन्होंने दावा किया कि उन्हें जनता के समर्थन पर पूरा भरोसा है और इसी वजह से उनके समर्थकों में जीत को लेकर उत्साह है। अनंत सिंह के इस बयान से साफ है कि मोकामा में हुई झड़प के बावजूद वह अपने उम्मीदवार को लेकर आत्मविश्वास में हैं।
नीरज कुमार के ‘किले’ पर भी तंज
नीरज कुमार की जीत को लेकर जब अनंत सिंह से पूछा गया कि क्या उन्हें जेडीयू प्रत्याशी की मजबूत स्थिति की चिंता नहीं है, तो उन्होंने बेहद तीखा जवाब दिया।अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार जिस किले की बात कर रहे हैं, वह किला पहले ही ढह चुका है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीरज का किला बना ही कब था।
अनंत सिंह ने कहा, “उनका किला तो कब का ढह गया है। वह तो बिना किला के ही थे। उनका किला बना कब? वह तो सरकार को नीतीश कुमार का नाम लेकर आज तक चले हैं।”यही नहीं, उन्होंने नीरज कुमार की राजनीतिक पकड़ पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने कभी अपने नाम पर वोट मांगा है। अनंत सिंह का इशारा साफ तौर पर इस ओर था कि नीरज कुमार की राजनीतिक पहचान और चुनावी ताकत लंबे समय से नीतीश कुमार और जेडीयू के नाम से जुड़ी रही है।
पटना स्नातक सीट पर मुकाबला हुआ दिलचस्प
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुकाबला पहले से ही बेहद रोचक बना हुआ है। जेडीयू के मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार लगातार चौथी जीत के लिए मैदान में हैं, जबकि जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। आरजेडी के दिलीप कुमार भी चुनावी मैदान में हैं। मतदान के दिन मोकामा में हुई झड़प ने इस मुकाबले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया है। एक तरफ नीरज कुमार लगातार अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, वहीं अनंत सिंह उनके दावे को चुनौती देते हुए जनता के फैसले पर भरोसा जता रहे हैं।
अब सभी की नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। उसी दिन साफ होगा कि पटना स्नातक सीट पर मतदाताओं ने किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाया और मोकामा में दिखी सियासी गर्मी का चुनावी नतीजे पर कितना असर पड़ा।





