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Bihar Education News : बिहार में 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों को मिलेगा अपना भवन, एक जैसी होगी डिजाइन, 2027 तक शुरू होगी पढ़ाई

बिहार सरकार ने 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए स्थायी भवन बनाने की तैयारी तेज कर दी है। सभी कॉलेज एक जैसी आधुनिक डिजाइन पर बनेंगे। हर कॉलेज पर 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2027 के शैक्षणिक सत्र से नए भवनों में पढ़ाई शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है

Bihar Education News
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Tejpratap
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पटना: बिहार में उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए अब स्थायी भवन बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने तय किया है कि सभी कॉलेजों का निर्माण एक समान आधुनिक डिजाइन के आधार पर किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और सभी संस्थानों में समान स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इन कॉलेजों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, स्टाफ रूम और छात्रों के लिए आवश्यक अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 के शैक्षणिक सत्र से इन कॉलेजों में नए भवनों से नियमित पढ़ाई शुरू हो जाए।


हर कॉलेज पर लगभग 5 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सरकार ने प्रत्येक कॉलेज भवन के निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस राशि से आधुनिक परिसर तैयार किया जाएगा ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी शहरों जैसी उच्च शिक्षा की सुविधाएं मिल सकें। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि सभी भवनों को एक मानक डिजाइन के अनुसार तैयार किया जाएगा। इससे निर्माण की गुणवत्ता बनी रहेगी और परियोजना समय पर पूरी करने में भी आसानी होगी।


15 अगस्त तक जमीन की रिपोर्ट देने का निर्देश

कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए सबसे पहले जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि वे 15 अगस्त तक अपने-अपने जिले में उपलब्ध जमीन की रिपोर्ट विभाग को भेजें।


प्रत्येक कॉलेज के लिए ब्लॉक मुख्यालय के आसपास ढाई से पांच एकड़ जमीन चिह्नित करने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, दो दर्जन से अधिक जिलों से प्रारंभिक स्तर पर जमीन उपलब्ध होने की जानकारी भी मिल चुकी है। जिन जिलों से भूमि का प्रस्ताव पहले मिलेगा, वहां निर्माण कार्य भी पहले शुरू किया जाएगा।


ब्लॉक मुख्यालय के आसपास ही बनेंगे कॉलेज

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए डिग्री कॉलेजों का निर्माण ऐसे स्थानों पर किया जाएगा जहां छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही सुरक्षित और सुविधाजनक हो। इसी कारण अधिकांश कॉलेज ब्लॉक मुख्यालय या आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास बनाए जाएंगे। सुनसान या दूरस्थ स्थानों पर कॉलेज भवन बनाने से बचा जाएगा ताकि छात्र-छात्राओं को परिवहन और सुरक्षा संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। भूमि अंतिम रूप से तय होते ही निर्माण एजेंसियों को काम सौंप दिया जाएगा।


जमीन दान करने वालों को मिलेगा सम्मान

सरकार ने इस योजना में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए एक विशेष प्रावधान भी किया है। यदि कोई व्यक्ति कॉलेज निर्माण के लिए अपनी जमीन स्वेच्छा से दान करता है, तो संबंधित कॉलेज का नाम उस दानदाता या उनके द्वारा सुझाए गए किसी व्यक्ति के नाम पर रखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से समाज के लोग शिक्षा के विकास में सक्रिय रूप से भागीदारी करेंगे और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज होगी।


कई एजेंसियां मिलकर करेंगी निर्माण

उच्च शिक्षा विभाग ने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए निर्माण कार्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी की है। सभी एजेंसियों को तय समय सीमा के भीतर भवन तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि 2027 के जुलाई शैक्षणिक सत्र से छात्रों की पढ़ाई नए और स्थायी भवनों में शुरू कराई जा सके।


उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आधार

211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए स्थायी भवन बनने से बिहार में उच्च शिक्षा का ढांचा पहले से अधिक मजबूत होगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस ये कॉलेज न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराएंगे, बल्कि उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में बिहार के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी।