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भ्रष्टाचारी बेनकाब: खनन इंस्पेक्टर ने 4 लाख घूस लिया...जांच के दौरान ट्रक मालिक पलट गया, अब संघ के अध्य़क्ष ने प्रमाण के साथ-साथ खान विभाग को दिया 'शपथ पत्र'

भोजपुर में खनन इंस्पेक्टर चंदन कुमार पर UPI के जरिए करीब 4.40 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप लगे. ट्रक मालिक ने जांच के दौरान शिकायत वापस ले ली, लेकिन ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष ने शपथपत्र देकर घूसखोरी के सबूत खान एवं भूतत्व विभाग को सौंपे हैं.

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Viveka Nand
7 मिनट

Bihar News: बिहार में तरह-तरह के खेल होते हैं. अधिकारियों की वसूली से तंग आकर लोग वरीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत करते हैं,इसके बाद जांच के आदेश होते हैं, जांच के दौरान ही शिकायतकर्ता और घूसखोरी के आरोपी अधिकारी सेटिंग कर लेते हैं. भोजपुर में ऐसे ही खेल का खुलासा हुआ.घूस लेने के आरोपी खनन इंस्पेक्टर के खिलाफ जब जांच शुरू हुई, इसके बाद शिकायतर्ता पलट गया और शपथपत्र देकर कहा कि अब खनन निरीक्षक से कोई  विवाद नहीं रहा. हालांकि इतने भर से भोजपुर के तत्कालीन आरोपी खनन इंस्पेक्टर का बचान मुश्किल है. दूसरे शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र देकर मामले की जांच बढ़ाने और घूसखोरी का सारा प्रमाण खान एवं भूतत्व विभाग को उपलब्ध कराया है. 

ट्रक मालिक पलट गया, पर दूसरे शिकायतकर्ता ने दिया शपथ और घूसखोरी का प्रमाण 

खान एवं भूतत्व विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी मेनका सिंह ने 5 मार्च 2026 को भोजपुर जिला ट्रक ओनर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अजय यादव को पत्र लिखा. जिसमें भोजपुर के तत्कालीन खान निरीक्षक चंदन कुमार, उनके निजी चालक के खिलाफ दिए गए परिवार पत्र के संदर्भ में साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा. विभाग ने कहा कि आपने 24 जून 2025 को मुख्य सचिव को शिकायत दी थी. उस मामले में आपसे 15 दिनों के अंदर लिखित संपुष्टि के साथ-साथ शपथ पत्र समर्पित करने को कहा गया था. ऐसे में फिर से अनुरोध है कि यथाशीघ्र शपथ पत्र दें. इस आलोक में शिकायत कर्ता अजय यादव ने शपथ पत्र देकर कहा है की गाड़ी मालिक राम प्रताप सिंह ने बतौर जिला अध्यक्ष की वजह से हमें साक्ष्य के साथ शिकायत पत्र दिया था. साथ ही हस्ताक्षर युक्त आधार कार्ड की छाया प्रति, यूपीआई के माध्यम से रिश्वत देने का प्रमाण दिया था. खान एवं भूतत्व विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी मेनका सिंह को लिखे पत्र में उन्होंने बताया है कि चंदन कुमार तत्कालीन खान निरीक्षक के खिलाफ जो शिकायत पत्र दिया गया था, वह पूरी तरह से सच है. ट्रक मालिक द्वारा दिए गए रिश्वत का प्रमाण उपलब्ध है. ट्रक मालिक ने मुझे लिखित आवेदन दिया था, जिसके बाद मैं तत्कालीन खान निरीक्षक, उनके निजी चालक के विरुद्ध परिवाद पत्र समर्पित किया था. इसका शपथ पत्र दे रहा हूं.

यूपी के ट्रक मालिक ने की थी शिकायत, डीएम ने गठित की थी जांच टीम

मामला खनन विभाग के एक माइन्स इंस्पेक्टर से जुड़ा है. भोजपुर जिले के तत्कालीन खान निरीक्षक चंदन कुमार पर यूपीआई के माध्यम से लगभग 4 लाख 40 हजार रू लेकर ट्रक छोड़ने के आरोप लगे. उत्तर प्रदेश के एक ट्रक मालिक राम प्रताप सिंह ने खान निरीक्षक चंदन कुमार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था. चंदन कुमार व अन्य पर आरोप था कि लाखों रुपए यूपीआई के माध्यम से लेकर जब्त ट्रक को छोड़ा गया. शिकायत के बाद भोजपुर जिलाधिकारी ने जांच टीम का गठन किया और खनन निरीक्षक के खिलाफ लगे आरोपों की गहनता से जांच कर विस्तृत जांच प्रतिवेदन मांगा था. हालांकि वर्तमान में खनन निरीक्षक चंदन कुमार स्थानांतरित होकर वैशाली चले गए हैं. 

शिकायतकर्ता के खाते से 1 लाख भेजे जाने की पुष्टि....

जांच टीम में भोजपुर के वरीय उप समाहर्ता मो. मोइद जिया, साईबर थाने के डीएसपी शामिल थे. जांच दल में शामिल पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष भोजपुर साइबर थाना ने 7 और 25 जनवरी 2026 को आरोपित खनन निरीक्षक चंदन कुमार के द्वारा अवैध वसूली से संबंधित तकनीकी प्रतिवेदन वरीय उप समाहर्ता मो. मोईद जिया को सौंपा, जिसमें बैंक/ यूपीआई लेनदेन से संबंधित विवरण था. परिवादी (ट्रक मालिक) राम प्रताप सिंह ने बैंक खाता में यूपीआई के माध्यम से पैसा लेने का आरोप लगाया था. इन आरोपों की जांच कराई गई . खाताधारक सन्नी कुमार सिंह के खाते में अलग-अलग यूपीआई/ बैंक खाता से पैसे का हस्तांतरण किया गया था. जांच में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता (ट्रक मालिक)  के खाते से  25 अप्रैल 2024 को खाताधारक सन्नी कुमार सिंह के खाते में ₹100000 व अन्य के खाते से भी बड़ी राशि आई थी. इस तरह से उस दिन आरोपी खनन निरीक्षक के शागिर्द के खाते में 3 लाख 80 हजार की राशि भेजी गई थी. खाताधारक ने उक्त राशि को चेक एवं एटीएम के माध्यम से अलग-अलग तारीख में निकासी किया. 

भोजपुर जिलाधिकारी को भेजी गई है रिपोर्ट 

9 फरवरी 2026 को भोजपुर जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में जांच अधिकारी (वरीय उप समाहर्ता) ने स्पष्ट किया है कि पुलिस उपाध्यक्ष साइबर थाना की रिपोर्ट से स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि चंदन कुमार तत्कालीन खाना निरीक्षक भोजपुर, उनके ड्राइवर व सैप जवान के बैंक/ यूपीआई में कोई राशि हस्तांतरित की गई है या नहीं . जिलाधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कॉल के विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि चंदन कुमार के मोबाइल नंबर से उक्त खाता धारक के मोबाइल पर बातचीत नहीं हुई है.साथ ही एक कॉमन मोबाइल नंबर पर भी बातचीत नहीं हुई है.

शिकायतकर्ता ने कहा- अब हमें खान इंस्पेक्टर से शिकायत नहीं, केस वापस ले रहे 

जांच रिपोर्ट में वरीय उप समाहर्ता मोहम्मद मोईद जिया ने उल्लेख किया है कि परिवादी ट्रक मालिक राम प्रताप सिंह एवं आरोपित चंदन कुमार तत्कालीन खाना निरीक्षक भोजपुर को कार्यालय में उपस्थित होकर पक्ष रखने को कहा गया. जिसमें दोनों ने अपना-अपना पक्ष रखा और जांच से संबंधित दस्तावेज समर्पित किया. परिवादी राम प्रताप सिंह द्वारा जो पक्ष रखा गया उसमें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया, साथ ही आरोपित खाना निरीक्षक, ड्राइवर व सैप जवान के साथ उनके द्वारा किए गए बैंक खाता, यूपीआई से ट्रांसफर से संबंधित साक्ष्य नहीं दिया. इसी बीच 10 जनवरी 2026 को परिवादी (ट्रक मालिक) ने कार्यालय में उपस्थित होकर एक शपथ पत्र दिया. जिसमें शपथ कर्ता ने कहा कि खनन अधिकारी से कोई द्वेष नहीं है, साथ ही खनन अधिकारी के खिलाफ की गई शिकायत को समाप्त करने का अनुरोध किया.

साइबर डीएसपी ने शिकायत वापस लेने का शपथ पत्र देने पर केस दर्ज करने की थी सिफारिश 

वही, जांच टीम में शामिल पुलिस अधीक्षक साइबर थाना ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि परिवादी द्वारा जांच में आवश्यक सहयोग नहीं किया गया. शपथ पत्र के माध्यम से परिवाद वापस लेने का पत्र दिया गया है. ऐसे में इनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिक दर्ज करना अनुसंधान करना आवश्यक प्रतीत होता है.

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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