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बिहार के सरकारी स्कूल की लापरवाही या सिस्टम की नाकामी? 3 साल से सिर्फ एक कमरे में चल रही बच्चों की पढ़ाई

Bihar News: भोजपुर के सहार प्रखंड के कोशियर गांव में एक कन्या प्राथमिक विद्यालय पिछले तीन वर्षों से अपने जर्जर भवन के कारण सामुदायिक भवन के एक कमरे में संचालित हो रहा है। नए भवन के निर्माण को लेकर कई बार आश्वासन मिले, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस...

बिहार के सरकारी स्कूल की लापरवाही या सिस्टम की नाकामी? 3 साल से सिर्फ एक कमरे में चल रही बच्चों की पढ़ाई
Ramakant kumar
2 मिनट

Bihar News: भोजपुर जिले के सहार प्रखंड के कोशियर गांव में कन्या प्राथमिक विद्यालय पिछले करीब तीन वर्षों से एक कमरे के सामुदायिक भवन में चल रहा है. स्कूल का पुराना भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वहां पढ़ाई बंद कर दी गई. इसके बाद से छात्राओं की पढ़ाई सामुदायिक भवन के एक छोटे से कमरे में कराई जा रही है.


एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं की छात्राओं को पढ़ाया जा रहा है. जगह कम होने के कारण छात्राओं को बैठने और पढ़ाई करने में परेशानी होती है. सीमित जगह और संसाधनों के बीच शिक्षक भी कक्षाएं संचालित करने को मजबूर हैं.


ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि नए भवन के निर्माण को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया. लेकिन करीब तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है.


ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में स्कूल को किसी दूसरे विद्यालय में मिलाने के विरोध में आंदोलन किया गया था. उस समय अधिकारियों ने स्कूल को यथावत रखने और छह महीने के भीतर नया भवन बनवाने का आश्वासन दिया था. अधिकारियों की बात पर ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त कर दिया, लेकिन इसके बाद भी भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ.


बरसात के दिनों में छात्राओं की परेशानी और बढ़ जाती है. एक छोटे कमरे में अधिक संख्या में बच्चों के बैठने के कारण पढ़ाई का माहौल प्रभावित होता है. अभिभावकों का कहना है कि लंबे समय से चल रही यह अस्थायी व्यवस्था अब छात्राओं की पढ़ाई पर असर डाल रही है.