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Vikramshila Setu : अब नहीं थमेगा ट्रैफिक! विक्रमशिला सेतु के पास बनेगा 4KM लंबा आधुनिक ट्रस ब्रिज; जानिए क्या है सरकार का नया प्लान

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर आधुनिक ट्रस ब्रिज का निर्माण होगा। वेल फाउंडेशन तकनीक और स्टील ट्रस संरचना से बनने वाला यह पुल मरम्मत के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की अहम कड़ी बनेगा।

Vikramshila Setu : अब नहीं थमेगा ट्रैफिक! विक्रमशिला सेतु के पास बनेगा 4KM लंबा आधुनिक ट्रस ब्रिज; जानिए क्या है सरकार का नया प्लान
Tejpratap
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Vikramshila Setu : भागलपुर में गंगा नदी पर बने ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु के समानांतर अब एक आधुनिक दो लेन ट्रस ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। यह पुल अत्याधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार होगा और विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य के दौरान वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी संभालेगा। करीब चार किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण सीमा सड़क संगठन यानी सीमा सड़क संगठन की निगरानी में कराया जाएगा।


राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं के अनुसार, इस ट्रस ब्रिज की नींव को बेहद मजबूत बनाने के लिए वेल फाउंडेशन तकनीक अपनाई जाएगी। इस तकनीक के तहत गंगा नदी के तल में गहराई तक विशाल कंक्रीट पिलर स्थापित किए जाएंगे, ताकि तेज जल प्रवाह और भारी दबाव के बावजूद पुल पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बना रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि नदी पर बनने वाले बड़े पुलों के लिए यह तकनीक सबसे भरोसेमंद मानी जाती है।


अभियंताओं ने बताया कि यह ट्रस ब्रिज स्टील के त्रिकोणीय ढांचे पर आधारित होगा। इसकी खास त्रिभुजाकार संरचना पुल पर पड़ने वाले भार को समान रूप से वितरित करती है, जिससे पुल अधिक मजबूत, संतुलित और टिकाऊ बनता है। यही वजह है कि दुनिया भर में कठिन परिस्थितियों और आपदा प्रबंधन के दौरान ट्रस ब्रिज तकनीक का उपयोग तेजी से किया जाता है।


निर्माण कार्य को तेज गति देने के लिए पुल में प्री-फैब्रिकेटेड स्टील पैनलों का इस्तेमाल किया जाएगा। पुल के विभिन्न हिस्सों को पहले से फैक्ट्री में तैयार किया जाएगा और फिर उन्हें निर्माण स्थल तक पहुंचाकर भारी क्रेन और आधुनिक मशीनों की मदद से जोड़ा जाएगा। इससे निर्माण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और काम अधिक सटीक तरीके से पूरा किया जा सकेगा।


पुल के ऊपरी हिस्से पर वाहनों की आवाजाही के लिए मजबूत स्टील या कंक्रीट डेक तैयार किया जाएगा। इसके अलावा पैदल यात्रियों के लिए अलग सुरक्षित मार्ग भी बनाया जाएगा, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। अधिकारियों का कहना है कि यह पुल केवल अस्थायी व्यवस्था नहीं बल्कि लंबे समय तक उपयोगी साबित होने वाला आधुनिक ढांचा होगा।


विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रस ब्रिज की तकनीक काफी हद तक रेलवे स्टेशनों पर बनाए जाने वाले फुटओवर ब्रिज जैसी होती है। हालांकि यह उससे कहीं अधिक विशाल और मजबूत संरचना होगी। आपात स्थिति या प्राकृतिक आपदा के दौरान कम समय में वैकल्पिक मार्ग तैयार करने में इस प्रकार के पुल बेहद प्रभावी माने जाते हैं।


विक्रमशिला सेतु बिहार के सबसे महत्वपूर्ण पुलों में शामिल है और इसके जरिए भागलपुर समेत कई जिलों का संपर्क बना रहता है। ऐसे में इसके मरम्मत कार्य के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए समानांतर ट्रस ब्रिज को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। अंतिम डिजाइन स्वीकृत होने के बाद इसकी कुल लागत तय की जाएगी। सरकार और अभियंताओं को उम्मीद है कि यह नया ट्रस ब्रिज आने वाले समय में क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को और मजबूत करेगा तथा लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराएगा।