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पटना नीट कांड के बाद सख्ती: भागलपुर में गर्ल्स हॉस्टल की जांच शुरू, सड़क पर उतरा प्रशासन

पटना में NEET छात्रा कांड के बाद बिहार सरकार सख्त, राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा को लेकर नई नियमावली लागू, भागलपुर में प्रशासन ने हॉस्टलों की जांच शुरू की।

बिहार न्यूज
एक्शन में बिहार पुलिस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BHAGALPUR: पटना में NEET की छात्रा के साथ हॉस्टल में हुए जघन्य अपराध के बाद पूरे बिहार में गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे थे। मीडिया द्वारा हॉस्टल की सुरक्षा की पोल खोलने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ा है और अब इसका असर ज़मीन पर साफ़ देखने को मिल रहा है। बिहार पुलिस मुख्यालय और गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल के लिए सख्त नियमावली तैयार की गई है।


इसके तहत हॉस्टल की नियमित जांच अनिवार्य कर दी गई है। भागलपुर में इस आदेश के बाद प्रशासन खुद सड़कों पर उतरा। एसएम कॉलेज इलाके में एएसपी सायं रज़ा और डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गर्ल्स हॉस्टल पहुंचकर संचालकों से सीधी बातचीत की और उन्हें नई नियमावली की कॉपी सौंपी।


पुलिस ने हॉस्टल संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि छात्राओं की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग, मजबूत दरवाजे और ताला अनिवार्य किए गए हैं साथ ही विजिटर रजिस्टर मेंटेन करना, पुरुषों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध और छात्राओं व स्टाफ की रात्रिकालीन उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने का आदेश दिया गया है।


इसके अलावा प्रत्येक हॉस्टल संचालक को संबंधित थाने में एक पंजी अनिवार्य रूप से संधारित करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें छात्रावास का पूरा विवरण दर्ज होगा। पुलिस सत्यापन, वार्डन की जिम्मेदारी तय करने के साथ ही इमरजेंसी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं हॉस्टल संचालकों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। 


हालांकि उन्होंने कॉलेज और हॉस्टल तक आने-जाने वाले रास्तों में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग भी रखी है। हॉस्टल संचालक राजेश रंजन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रास्ते में छात्राओं पर फब्तियां कसी जाती हैं और विरोध करने पर एसिड फेंकने तक की धमकी दी जाती है, जो बेहद चिंताजनक है। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इन इलाकों में सुरक्षा और गश्ती को और मजबूत किया जाएगा ताकि छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।