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Bihar News: बाढ़ से बेहाल हुआ बिहार का यह जिला, स्कूल-घर जलमग्न; हाई अलर्ट जारी

Bihar News: बिहार के भागलपुर में गंगा और कोसी नदी उफान। बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई है। सबौर, कहलगांव और नवगछिया में स्कूल, घर और सड़कें जलमग्न। आपदा प्रबंधन ने जारी किया अलर्ट...

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
4 मिनट

Bihar News: भागलपुर जिले में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में तेज उछाल ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर कर दिया है। 5 अगस्त को गंगा नदी कहलगांव में खतरे के निशान (31.09 मीटर) से 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि नवगछिया में 36 सेंटीमीटर ऊपर और भागलपुर शहर में 0.93 मीटर नीचे थी। सबौर प्रखंड के ममलखा मध्य विद्यालय में पानी घुसने से पढ़ाई ठप हो गई है। राजपुर मुरहन-शिवायडीह और लैलख बैजलपुर सड़कों पर 2 फीट पानी जमा होने से आवागमन बंद है। नवगछिया में कोसी नदी का पानी आबादी वाले क्षेत्रों में फैल रहा है, जिससे तटबंधों पर भी दबाव बढ़ गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी अंचलों को हाई अलर्ट पर रखा है क्योंकि मंगलवार को गंगा के जलस्तर में और भी वृद्धि की आशंका है।


उधर कहलगांव में गंगा का पानी भालेसर पंचायत के आमापुर गांव में घरों तक पहुंच गया है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय त्रिमुहान का मैदान पूरी तरह जलमग्न है और कहलगांव-चायटोला सड़क पर पानी चढ़ने से यातायात बाधित है। पीरपैंती और अकबरनगर के दियारा क्षेत्रों में धान, मक्का और अरहर की फसलें डूब गई हैं। गोराडीह में चांदन नदी का बांध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए और सबौर-जमसी सड़क बंद है। नवगछिया में स्पर संख्या-9 का 25-30 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। जिसे 8000 बालू की बोरियों से ठीक करने की कोशिश चल रही है। जबकि कोसी नदी का भी जलस्तर मंगलवार को 10 सेंटीमीटर और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ने की आशंका है।


ऐसे में जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने राहत कार्य शुरू किए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 3 अगस्त को हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को तत्काल राहत और पुनर्वास के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और कुरसेला में सामुदायिक किचन शुरू किए गए हैं। पकड़तल्ला, पन्नुचक और साधुपुर जैसे गांव पानी से घिरे हैं और लोग ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा के जलस्तर में प्रति 2 घंटे में 1 सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। प्रशासन ने 132 पंचायतों को बाढ़ संभावित क्षेत्र घोषित किया है और तटबंधों की हर 15 मिनट में निगरानी जारी है।


अब ग्रामीणों ने बटेश्वर स्थान से खबासपुर तक बोल्डर पिचिंग तटबंध की मांग की है क्योंकि कटाव के कारण कई घर नदी में समा चुके हैं। ममलखा पंचायत में गांव का अस्तित्व खतरे में है और लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं। जल संसाधन विभाग ने ब्रह्मोत्तर बांध की मरम्मत पूरी कर ली है और स्पर 8 और 9 पर गुलर के पेड़ और हाथी पांव लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल और उत्तर बिहार में बारिश के कारण कोसी और गंगा में पानी का प्रवाह बढ़ा है। आपदा प्रबंधन विभाग ने हेल्पलाइन (0612-2292024) और राहत शिविर शुरू की हैं। लोगों से नदियों के किनारे न जाने और बच्चों को पानी से दूर रखने की अपील की गई है।