1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 11:37:05 AM IST
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Land Mafia Action : बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने कहा है कि राज्य में भूमि से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को होने वाली परेशानियों को दूर करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में जन सहयोग की भी बेहद जरूरत है। प्रधान सचिव भागलपुर में आयोजित भूमि जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
सीके अनिल ने कहा कि भूमि विवाद, फर्जी दस्तावेज और अवैध कब्जे जैसी समस्याएं वर्षों से आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनका असर आने वाले समय में जमीन से जुड़े मामलों पर साफ तौर पर दिखाई देगा।
उन्होंने बताया कि पहला और सबसे अहम निर्णय भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर है। अब अवैध तरीके से जमीन हड़पने वाले या विवाद खड़ा करने वाले भूमाफियाओं पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी। इससे पहले कई मामलों में प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तक ही सीमित रहा जाता था, लेकिन अब कानून के तहत कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि ऐसे तत्वों में डर पैदा हो और आम लोगों को राहत मिले।
दूसरे निर्णय के तहत राज्य में मौजूद जाली और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि भूमि से जुड़े विवादों की जड़ में अक्सर फर्जी कागजात होते हैं। ऐसे दस्तावेज न सिर्फ आम जनता को परेशान करते हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था को भी कमजोर करते हैं। इसलिए अब इन फर्जी दस्तावेजों की पहचान कर उन्हें रद्द किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तीसरा महत्वपूर्ण निर्णय भूमि बैंक के निर्माण को लेकर है। सीके अनिल ने बताया कि राज्य में एक नई योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत भूमि बैंक तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी और विवाद-मुक्त जमीनों का सही तरीके से रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि विकास योजनाओं, औद्योगिक निवेश और जनकल्याणकारी परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके। भूमि बैंक से न सिर्फ प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता आएगी, बल्कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद भी कम होंगे।
प्रधान सचिव ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की कोशिश है कि 31 मार्च तक अधिकतम समस्याओं का समाधान त्वरित गति से किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग जनता की शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और तय समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। “यह हमारा वादा है,” कहते हुए उन्होंने जनता से सहयोग की अपील की।
उन्होंने यह भी कहा कि भूमि जन संवाद जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य सीधे जनता से संवाद करना और उनकी समस्याओं को मौके पर ही समझना है। इससे नीतियां जमीनी हकीकत के अनुसार बनाई जा सकती हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें दाखिल-खारिज, सीमांकन, रसीद कटाने और पुराने भूमि विवाद जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
अंत में सीके अनिल ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है—भूमि व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और विवाद-मुक्त बनाना। इसके लिए प्रशासन और जनता, दोनों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बिहार की भूमि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव साफ नजर आएगा।