Bihar News: राजधानी पटना में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को बेगूसराय में हजारों छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए. जीडी कॉलेज परिसर में AISF, AIYF, AISA समेत विभिन्न छात्र संगठनों के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र और नौजवान जुटे और केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला.
दोपहर करीब 12 बजे जीडी कॉलेज परिसर से शुरू हुआ आक्रोश मार्च शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरा. मार्च जीडी कॉलेज से निकलकर मेन बाजार, टेढ़ीनाथ मंदिर, शहीद भगत सिंह स्थल, नगर निगम होते हुए कैंटीन तक पहुंचा. इस दौरान छात्र-छात्राएं लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं. इन पर “संसद मार्च के दौरान छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज आखिर क्यों?”, “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो”, “अमित शाह गद्दी छोड़ो” और “छात्रों की आवाज दबाना बंद करो” जैसे नारे लिखे हुए थे. मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन में जीडी कॉलेज के अलावा बेगूसराय के विभिन्न कॉलेजों से पहुंचे छात्र-छात्राओं ने भी हिस्सा लिया. छात्र संगठनों का आरोप है कि संसद मार्च के दौरान छात्रों पर की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है. संगठनों ने कहा कि छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
आक्रोश मार्च का नेतृत्व AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा, अमरेश कुमार, अजय कुमार समेत कई छात्र नेताओं ने किया. छात्र नेताओं ने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के बल पर दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार की मांग उठाई.
प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. पूरे मार्च रूट पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. इसके अलावा कई दंडाधिकारियों को भी तैनात किया गया था. पुलिस ने पूरे मार्च की निगरानी की और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई.
बेगूसराय में हजारों छात्रों के सड़क पर उतरने से संसद मार्च के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर छात्रों में नाराजगी का अंदाजा लगाया जा सकता है. छात्र संगठनों ने आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही है.





