BEGUSARAI: बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर बूढ़ी गंडक नदी के बसौना घाट पर दर्दनाक हादसा हो गया। पांच स्कूली दोस्त नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इसी दौरान तीन किशोर गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना से घबराए उनके साथ मौजूद दो दोस्त वहां से भाग निकले।
घटना की जानकारी तब हुई, जब घाट पर बच्चों के कपड़े, चप्पल और साइकिल स्थानीय लोगों की नजर में आए। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने सामान की पहचान अपने बच्चों के रूप में की, जिसके बाद घाट पर चीख-पुकार मच गई।
तीनों किशोरों की पहचान
हादसे में लापता तीनों किशोरों की पहचान मंझौल पंचायत-1 के वार्ड संख्या-3 निवासी अर्जुन यादव के 12 वर्षीय पुत्र पवन कुमार, मुन्ना यादव के 13 वर्षीय पुत्र ऋषिकेश कुमार और मंझौल पंचायत-3 के वार्ड संख्या-6 निवासी बबलू सहनी के 15 वर्षीय पुत्र आदर्श कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि ऋषिकेश कुमार और आदर्श कुमार अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। बच्चों के लापता होने की खबर के बाद से तीनों परिवारों में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पांच दोस्त नदी में नहाने पहुंचे थे
जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर पांचों दोस्त बसौना घाट स्थित बूढ़ी गंडक नदी में स्नान करने पहुंचे थे। नहाने के दौरान तीन किशोर नदी के गहरे हिस्से में चले गए। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण वे डूब गए। दोनों साथियों ने जब अपने दोस्तों को डूबते देखा तो वे डर गए और वहां से भाग निकले। बाद में घाट पर बच्चों के कपड़े और साइकिल देखकर स्थानीय लोगों को अनहोनी की आशंका हुई।
सूचना मिलते ही घाट पर जुटे ग्रामीण
घटना की सूचना मिलने के बाद मेहदा शाहपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बमबम सिंह की ओर से क्षेत्र में अनाउंसमेंट कराया गया। देखते ही देखते आसपास के गांवों के लोग बसौना घाट पर पहुंचने लगे। परिजनों के घटनास्थल पर पहुंचने और बच्चों के कपड़े, चप्पल व साइकिल पहचानने के बाद घाट पर माहौल बेहद गमगीन हो गया। परिजन लगातार बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
दो स्कूलों में पढ़ते थे तीनों किशोर
बताया गया है कि पवन कुमार और आदर्श कुमार मंझौल स्थित सेंट जोसेफ स्कूल के छात्र थे, जबकि ऋषिकेश कुमार संस्कृत विद्यालय में पढ़ता था। तीनों की उम्र कम थी और परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं।
बाढ़ के कारण रेस्क्यू में मुश्किल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे वाली जगह पर बूढ़ी गंडक नदी काफी गहरी है। फिलहाल बाढ़ के कारण नदी में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है और बहाव भी तेज है। ऐसे में नदी के गहरे हिस्से में तलाश करना रेस्क्यू टीम के लिए चुनौती बना हुआ है।
SDRF और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। स्थानीय गोताखोरों के साथ SDRF की टीम नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। संभावित स्थानों पर बच्चों की तलाश की जा रही है।हालांकि, खबर लिखे जाने तक तीनों किशोरों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
घटना के बाद अंचलाधिकारी, थाना अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच प्रतिनिधि और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद हैं। चेरिया बरियारपुर विधायक अभिषेक आनंद भी घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली। मंझौल पंचायत-1 के सरपंच प्रतिनिधि और एबीवीपी छात्र नेता कन्हैया कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।
बच्चों की तलाश में जुटे परिजन
बसौना घाट पर परिजन और ग्रामीण नदी की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। सभी को उम्मीद है कि रेस्क्यू टीम जल्द ही तीनों बच्चों को खोज निकालेगी। फिलहाल SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम नदी में लगातार तलाश अभियान चला रही है। जिला प्रशासन की निगरानी में तीनों किशोरों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।





