BEGUSARAI: बेगूसराय में एक बार फिर BJP में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आया है। दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं सड़क सुरक्षा समिति के नामित सदस्य देवानंद कुशवाहा ने केंद्रीय मंत्री व बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले इसी बैठक को लेकर जदयू नेता पंकज कुमार सिंह भी नाराजगी जाहिर कर चुके थे, वहीं अब भाजपा के वरिष्ठ नेता के खुलकर विरोध में आने से राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
देवानंद कुशवाहा का आरोप है कि 6 जुलाई को कारगिल विजय सभा भवन में आयोजित दिशा समिति की बैठक के दौरान राष्ट्रगान और सम्मान समारोह के बाद जिला पदाधिकारी द्वारा उन्हें बैठक से बाहर जाने के लिए कहा गया। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला कुछ प्रभावशाली नेताओं के दबाव में लिया गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित होना पड़ा।
बैठक से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत में देवानंद कुशवाहा ने कहा कि जब से गिरिराज सिंह बेगूसराय आए हैं, तब से समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा लोगों का "सिंडिकेट" पूरे संगठन और विकास योजनाओं को नियंत्रित कर रहा है, जबकि जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं, पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे और विकास योजनाओं की समीक्षा करना है, लेकिन वास्तविक मुद्दों पर कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि कई बार सड़क दुर्घटना पीड़ितों के मुआवजे, बीरपुर-सांजात पथ, जलजमाव, अतिक्रमण और सोलर लाइट जैसी योजनाओं को लेकर उन्होंने सवाल उठाए, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
देवानंद कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का श्रेय दूसरे नेताओं ने ले लिया। उन्होंने कहा कि वे पिछड़े समाज से आते हैं और इसी कारण उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना था कि चुनाव के समय कार्यकर्ताओं की जरूरत पड़ती है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें अपमानित किया जाता है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा कि वे पार्टी और सरकार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, लेकिन जब सांसद कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनते, तब अपनी आवाज उठाना भी उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बेगूसराय किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है और सांसद पर जितना अधिकार अन्य कार्यकर्ताओं का है, उतना ही उनका भी है।
उन्होंने संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष का जिक्र करते हुए दावा किया कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सर्वे कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में कुछ लोगों का वर्चस्व बढ़ गया है और कार्यकर्ताओं को लगातार अपमानित किया जा रहा है।
देवानंद कुशवाहा ने कहा कि वे वर्षों से भाजपा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं और आज भी प्रदेश प्रवक्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अपनी जमीन बेचकर राजनीति करते हैं, लेकिन अपने जमीर से कभी समझौता नहीं करेंगे।
फिलहाल भाजपा नेता के इस बयान के बाद बेगूसराय की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह या भाजपा संगठन की ओर से इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।









