ब्रेकिंग
पिता की स्कूटी लेकर निकला नाबालिग, तेज रफ्तार ने उजाड़ा परिवार, इवनिंग वॉक कर रही महिला की दर्दनाक मौत✦दरभंगा में पटाखे की चिंगारी से लगी भीषण आग, खजूर का पेड़ जलकर राख, इलाके में मची अफरा-तफरी✦अंडे की जगह बच्चों को खिला रहे थे बिस्कुट! डीएम के सामने बच्चों ने खोली गुरूजी की पोल, स्कूल की फाइलें जब्त✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला✦पिता की स्कूटी लेकर निकला नाबालिग, तेज रफ्तार ने उजाड़ा परिवार, इवनिंग वॉक कर रही महिला की दर्दनाक मौत✦दरभंगा में पटाखे की चिंगारी से लगी भीषण आग, खजूर का पेड़ जलकर राख, इलाके में मची अफरा-तफरी✦अंडे की जगह बच्चों को खिला रहे थे बिस्कुट! डीएम के सामने बच्चों ने खोली गुरूजी की पोल, स्कूल की फाइलें जब्त✦सहरसा में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला, कई थानों को मिले नए थानाध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट✦1992 बैच के IAS दीपक कुमार सिंह को नई जिम्मेदारी, राज्यपाल सचिवालय से हुआ तबादला

बाढ़ के कारण पशुपालकों की बढ़ी मुश्किलें, मवेशियों के चारा जुटाने में हो रही है परेशानी

DARBHANGA : पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण जिले के लगभग 50 पंचायत बाढ़ प्रभावित हुए है. बाढ़ का पानी फैलने से खेतों में लग

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DARBHANGA  : पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते नदियों के जलस्तर में हुई वृद्धि के कारण जिले के लगभग 50 पंचायत बाढ़ प्रभावित हुए है. बाढ़ का पानी फैलने से खेतों में लगी धान की फसल डूब गयी है. वही प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी समस्या मवेशियों को रखने एवं चारा जुटाने की हो रही है. पूरा इलाका बाढ़ के पानी से घिर जाने के कारण पशुपालको को बाढ़ के पानी में जाकर हरा चारा लाना पड़ता है,  जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.


दरभंगा जिला के केवटी, हायाघाट, गौड़ाबौराम, घनश्यामपुर, किरतपुर, हनुमाननगर और कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के 15 पंचायत पूर्णतः एवं 35 पंचायत अंशतः प्रभावित है. जिनमें पानी से घिरे गांवों की संख्या 123 है तथा प्रभावित जनसंख्या 57 हजार 886 है. वही प्रशासन के द्वारा बाढ़ पीड़ितों के लिए 13 स्थलों में सामुदायिक रसोई तथा लोगों के आवागमन के लिए 154 नाव का परिचालन करवाया जा रहा है. वहीं सरकारी स्तर पर पशुपालको के मवेशीयो का चारा व्यवस्था नहीं किया गया है, जिससे उनकी परेशानी बढ़ी हुई है. पशुपालकों ने सरकार से पशु के चारे को उपलब्ध करने की मांग की है. 


लोगों का कहना है कि बाढ़ आ जाने से चारों तरफ पानी फैल चुका है.एक तरफ बाढ़ का पानी, तो दूसरी तरफलगातार हो रही बारिश के कारण मवेशियों को रखने में काफी परेशानी हो रही है. बाढ़ के पानी में हेलकर चारा लाना पड़ता है,  जिससे हमेशा खतरा का आशंका बना रहता है.

रिपोर्टिंग
P

रिपोर्टर

PRASHANT KUMAR

FirstBihar संवाददाता