1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 12, 2025, 10:39:10 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बांका जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद शस्त्रधारकों के सत्यापन अभियान तेज हो गया है और जिलाधिकारी ने 37 लाइसेंस धारकों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने का आदेश दिया है। ये कार्रवाई उन लोगों पर हो रही है जिन्होंने निर्धारित समय तक अपने हथियारों का सत्यापन नहीं कराया।
जिला कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, इन शस्त्रधारकों को तुरंत अपने लाइसेंस और हथियार बाराहाट थाने में जमा करने का निर्देश दिया गया है। अगर वे उचित कारण न बताएं तो लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी की जा सकती है। थानाध्यक्ष महेश कुमार ने बताया कि संबंधित लोगों को नोटिस भेज दिए गए हैं और सत्यापन न कराने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
ये कदम चुनाव अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बिना सत्यापन के हथियार घर पर रखना या उनका उपयोग करना नियमों का उल्लंघन है। बांका जैसे संवेदनशील जिले में ये अभियान विधि-व्यवस्था को मजबूत करेगा ताकि वोटिंग शांतिपूर्ण हो। पहले भी चुनावों में शस्त्र सत्यापन ड्राइव चलाई जाती रही है, लेकिन इस बार सख्ती ज्यादा है। स्थानीय लोग इसे सकारात्मक मान रहे हैं, क्योंकि अपराधी तत्वों पर लगाम लगेगी।
इसी क्रम में अमरपुर थाना क्षेत्र के दो कुख्यात अपराधियों मुकुंद चौधरी और गौतम कुमार चौधरी पर जिला दंडाधिकारी के न्यायालय ने बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। दोनों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक फुल्लीडुमर थाने में हाजिरी लगानी होगी।
इसके अलावा, उनके हर मूवमेंट की जानकारी थानाध्यक्ष को देनी पड़ेगी। शांति भंग करने या शस्त्र ले जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। ये आदेश दो महीने के लिए प्रभावी हैं। प्रशासन का मानना है कि इन अपराधियों की गतिविधियां क्षेत्र में भय का माहौल बनाती हैं जो चुनाव और त्योहारों को प्रभावित कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, बांका पुलिस और प्रशासन चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। 6 और 11 नवंबर को वोटिंग के बीच सुरक्षा कड़ी रखी जाएगी। अगर आप बांका के हैं तो शस्त्र सत्यापन करा लें वरना आगे परेशानी हो सकती है।