ब्रेकिंग
पटना के ऑटो स्टैंड में दो गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग, मुखिया के बेटे समेत दो लोगों को लगी गोलीभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनापटना के ऑटो स्टैंड में दो गुटों के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग, मुखिया के बेटे समेत दो लोगों को लगी गोलीभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूना

बिहार का पहला परमाणु बिजली घर अब यहांं बनेगा, राज्य सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

बिहार का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र अब इस जिले में बनेगा। राज्य सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है और जल्द ही केंद्र की टीम स्थल का निरीक्षण करेगी। यह फैसला जल स्रोतों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

Bihar
पहला परमाणु बिजली घर
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: बिहार जल्द ही अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र की मेज़बानी करने जा रहा है, और वह भी बांका जिले में। राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। बांका में पहले 4000 मेगावाट की अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव था, जो अमल में नहीं आ सका। अब उसी स्थान पर न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।


केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बीते सप्ताह पटना में पूर्वी भारत के ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में बिहार में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) के जरिए परमाणु संयंत्र लगाने की सहमति दी थी। बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की मांग पर यह फैसला हुआ।


राज्य सरकार और बिजली कंपनियों ने विभिन्न संभावित स्थलों का अध्ययन किया और बांका को सबसे उपयुक्त माना, क्योंकि यहां जल स्रोतों की पर्याप्त उपलब्धता है ..जो परमाणु संयंत्रों की मुख्य आवश्यकता होती है। इसके विपरीत पहले प्रस्तावित रजौली (नवादा) में सालभर पर्याप्त पानी की आपूर्ति में कठिनाई थी। अब केंद्र सरकार की टीम जल्द ही बांका जाकर संभावित साइट का सर्वेक्षण करेगी और परियोजना की शुरुआत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


टैग्स