1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 14, 2025, 2:15:07 PM
बिहार में शिक्षा विभाग का कारनामा - फ़ोटो google
Bihar Teacher: बिहार में शिक्षा विभाग के एक अजब कारनामा सामने आया है। अररिया में रिटायरमेंट के अगले ही दिन एक शिक्षक को विशिष्ट शिक्षक में ज्वाइन करा दिया गया। मामला सामने आया तो जिले के शिक्षा महकमें में हड़कंप मच गया। आनन फानन में हेडमास्टर को शो-कॉज किया गया।
दरअसल, पूरा मामला अररिया के कुर्साकांटा प्रखंड के मवि रहटमीना का बताया जा रहा है। साल 2006 में मो. जलालुद्दीन की शारीरिक शिक्षक के तौर पर बहाली हुई थी। नियम के तहत बीते 31 दिसंबर 2024 को वह सेवानिवृत हो गए लेकिन रिटायर होने की जगह उन्हें 1 जनवरी 2025 को विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान करा लिया गया। मामला सामने आने के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
डीपीओ रवि रंजन ने मो.जलालुद्दीन के योगदान को रद्द करते हुए प्रभारी हेडमास्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। डीपीओ ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में रिटायर हो चुके शिक्षक को फिर से विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान कराया गया है। हेडमास्टर द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं देने पर डीपीओ ने सख्त कार्रवाई की बात कही है। लोगों का कहना है कि स्कूल के एक शिक्षक बहुत दिनों तक जिला शिक्षा कार्यालय में तैनात थे उनकी मिलीभगत से ही सारा खेल हुआ है।
पूरे मामले पर डीपीओ रवि रंजन ने बताया कि 31 दिसंबर को सेवानिवृत हो चुके शारीरिक शिक्षक मो. जलालुद्दीन द्वारा सेवानिवृति के बाद एक जनवरी को विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देने का मामला सामने आने के बाद तुरंत उनके योगदान को अस्वीकृत करते हुए हेडमास्टर से जवाब मांगा गया है। पूरे मामले में दोषियों की पहचान की जा रही है और जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।