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शिक्षा विभाग का अजूबा कारनामा, हाजिरी नहीं बनाने पर मुर्दों से भी मांगा स्पष्टीकरण

2024 में जिन शिक्षकों का देहांत हो गया उनसे शिक्षा विभाग ने हाजिरी नहीं बनाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर लोग मजाक उड़ा रहे हैं पूछ रहे हैं कि क्या अब कब्र में दबा मुर्दा भी जवाब देगा।

BIHAR EDUCATION DEPT
शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

Bihar News: बिहार के अररिया जिले में शिक्षा विभाग का कारनामा देखने को मिला। जो अब सुर्खियां बनी हुई है। दरअसल शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 1024 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन भेजे गये लिस्ट में मुर्दे और रिटायर्ड शिक्षक भी शामिल है। 



अररिया जिले में DPO स्थापना रवि रंजन ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर हाजिरी नहीं बनाने वाले 1024 शिक्षकों को शॉ कॉज भेजा था। जिसमें मृत शिक्षक भी शामिल है। मृत शिक्षक से भी स्पष्टीकरण मांग दिया गया। ऐसे शिक्षकों का नाम पोर्टल से नहीं हटाया गया है जिसके कारण यह समस्या हो रही है। हैरानी की बात तो यह है कि डीईओ कार्यालय में मृत शिक्षकों का डाटा भी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह विभाग की घोर लापरवाही है जो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है।



बीबी नहार, अंतेश कुमार सिंह, देवानंद मंडल, मनोज कुमार पटवे,परमानंद ऋषिदेव, मंजूर आलम, नसीम अख्तर, विश्वबंधु ठाकुर, अफसाना खातून, मो. कासिम और सादिक अनवर का निधन 2024 में ही हो गया था। बावजूद इसके स्कूल नहीं आने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावे रिटायर्ड शिक्षक को भी शो कॉज भेजा गया है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोग मजाक उड़ा रहे हैं। पूछ रहे है कि क्या अब कब्र में दबा मुर्दा भी जवाब देगा। 

शिक्षा विभाग का अजूबा कारनामा, हाजिरी नहीं बनाने पर मुर्दों से भी मांगा स्पष्टीकरण

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