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Bihar School News: कीचड़ में बच्चों से शिक्षिका के लिए बेंच बिछवाने का वीडियो वायरल, स्कूल की बदहाली पर बवाल

अररिया के जोगबनी स्थित प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्कूल तक सड़क नहीं होने के कारण बच्चे कीचड़ और पानी के बीच शिक्षिका के लिए बेंच लगाते नजर आए। वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर गं

Bihar School News: कीचड़ में बच्चों से शिक्षिका के लिए बेंच बिछवाने का वीडियो वायरल, स्कूल की बदहाली पर बवाल
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar School News : अररिया के  जोगबनी नगर परिषद के वार्ड संख्या-11 स्थित प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्के रास्ते का अभाव बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। वीडियो में स्कूली बच्चे पानी और कीचड़ के बीच अपनी शिक्षिका के गुजरने के लिए बेंच लगाते नजर आ रहे हैं। इस दृश्य ने शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


स्कूल तक पहुंचने का नहीं है सुरक्षित रास्ता

स्थानीय लोगों के अनुसार प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी तक जाने के लिए कोई व्यवस्थित सड़क या सुरक्षित आवागमन मार्ग नहीं है। बरसात के मौसम में विद्यालय के चारों ओर पानी भर जाता है और रास्ता दलदली कीचड़ में तब्दील हो जाता है। ऐसे में रोजाना छोटे-छोटे बच्चों और शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि वर्षों से बनी हुई है। कई बार संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।


वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता

इसी बीच इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पानी और कीचड़ से भरे रास्ते पर कुछ बच्चे बेंच उठाकर रखते हैं, ताकि शिक्षिका उस पर चलकर विद्यालय तक पहुंच सकें। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की ओर से अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।


कई लोगों का कहना है कि मासूम बच्चों से इस तरह का शारीरिक श्रम कराना उचित नहीं है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि इस स्थिति की असली वजह विद्यालय तक पहुंचने के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिसके कारण शिक्षक और छात्र दोनों असहज परिस्थितियों का सामना करने को मजबूर हैं।


बरसात में बढ़ जाता है संकट

स्थानीय निवासियों के अनुसार बारिश के दिनों में हालात और भी खराब हो जाते हैं। जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों के फिसलने, चोट लगने और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजना भी चुनौती बन जाता है। शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि विद्यालय तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि स्कूल तक पहुंचना ही जोखिम भरा हो, तो इसका सीधा असर बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई पर पड़ता है।


स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार

मामले को लेकर पूर्व छात्र एवं पार्षद मो. मुश्ताक ने नगर परिषद कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए स्कूल तक जाने के लिए सड़क निर्माण की मांग की। हालांकि, उनका आरोप है कि नगर परिषद ने इसे शिक्षा विभाग का विषय बताते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग आपसी जिम्मेदारी तय करने में लगे हैं, जबकि सबसे अधिक परेशानी छात्रों और शिक्षकों को झेलनी पड़ रही है।


जल्द समाधान की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक विद्यालय खजूरबाड़ी तक जाने के लिए तत्काल सुरक्षित सड़क और जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए। उनका कहना है कि बच्चों और शिक्षकों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। फिलहाल वायरल वीडियो ने इस विद्यालय की बदहाल स्थिति को राज्यभर में चर्चा का विषय बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कब और क्या कदम उठाते हैं।