ब्रेकिंग
बिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआतबिहार में मौसम बिगाड़ सकता है आजादी के जश्न का मजा, स्वतंत्रता दिवस पर 18 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्टघूस लेने के मामले में सहरसा के पूर्व राजस्व कर्मचारी को 2 साल की सजा, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई कहीं ऐसा तो नहीं कि नीतीश कुमार जैसी दिमागी हालत.. डिप्टी सीएम पर क्या बोल गईं रोहिणी आचार्य? भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का दो दिवसीय दौरा, बिहार से होगी ELC 2.0 की शुरुआत17 अगस्त को विधायक पद की शपथ लेंगे प्रशांत किशोर, बांकीपुर में बदलाव के नए दौर की शुरुआत

सूबे की 246 CDPO के वेतन वृद्धि पर सरकार ने लगायी रोक, अप्रैल-मई महीने में पोषाहार नहीं बांटने का आरोप

PATNA : राज्य सरकार ने सूबे की 246 सीडीपीओ के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। राज्य के समाज कल्याण विभाग ने इन सीडीपीओ को अप्रैल और मई महीने में पोषाहार नहीं बांटने का दोषी पाया है।

FirstBihar
Khushboo Gupta
2 मिनट

PATNA : राज्य सरकार ने सूबे की 246 सीडीपीओ के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। राज्य के समाज कल्याण विभाग ने इन सीडीपीओ को अप्रैल और मई महीने में पोषाहार नहीं बांटने का दोषी पाया है। आरोप है कि इन्होंने नियमित तौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार का वितरण नहीं कराया।


राज्य में कुल 411 सीडीपीओ हैं जिनमें से आधे से ज्यादा की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। समाज कल्याण विभाग को शिकायत मिली थी कि अप्रैल और मई महीने में आंगनबाड़ी केंद्रों में नियमित रूप से पोषाहार का वितरण नहीं किया गया। विभागीय जांच में इस बात की पुष्टि होने के बाद कुल 246 सीडीपीओ को इस मामले में दोषी पाया गया है। 


समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक विजय रंजन के मुताबिक विभाग का स्पष्ट निर्देश है कि हर हाल में पोषाहार का वितरण जारी रहे। विभागीय आदेश के बावजूद इन सीडीपीओ ने अपने काम में लापरवाही बरती है। विभाग की तरफ से दोषी पाई गई सीडीपीओ से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद इनके एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है।