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30-Oct-2025 03:54 PM
By First Bihar
Test Cricket : टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से उसकी परंपराओं के लिए जाना जाता है। हर दिन का खेल एक तय ढर्रे पर चलता है—सुबह टॉस, फिर दो घंटे का पहला सेशन, उसके बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक, फिर दो घंटे का दूसरा सेशन, 20 मिनट का टी ब्रेक और अंत में दिन का आखिरी सेशन। यह सिलसिला दशकों से चला आ रहा है। लेकिन अब यह परंपरा बदलती नजर आ सकती है।भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह मैच 22 नवंबर से गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, और इस मैच में लंच और टी ब्रेक की अदला-बदली की जा सकती है। यानी लंच से पहले खिलाड़ियों को टी ब्रेक मिलेगा और बाद में लंच ब्रेक होगा।
क्यों हो रहा है बदलाव
पूर्वोत्तर भारत में सूर्योदय और सूर्यास्त देश के बाकी हिस्सों की तुलना में जल्दी होते हैं। ऐसे में खेल जल्दी शुरू करना और जल्दी खत्म करना जरूरी हो जाता है ताकि प्राकृतिक रोशनी में अधिक से अधिक खेल संभव हो सके। इसी वजह से इस मैच की टाइमिंग भी परंपरागत 9:30 बजे की जगह 9 बजे रखी जा सकती है।बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, “गुवाहाटी में सूर्यास्त जल्दी होता है, इसलिए खेल भी जल्दी शुरू होगा। टी ब्रेक जल्दी कराने का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि मैच के समय का बेहतर उपयोग हो सके और दिन का खेल समय पर समाप्त हो।” यह पहली बार होगा जब भारत में किसी टेस्ट मैच के सत्र में इस तरह का बदलाव देखने को मिलेगा।
संभावित टाइमिंग शेड्यूलसूत्रों के अनुसार, मैच का समय कुछ इस तरह हो सकता है—
पहला सेशन: सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक
टी ब्रेक: 11:00 से 11:20 बजे तक (20 मिनट)
दूसरा सेशन: 11:20 से 1:20 बजे तक
लंच ब्रेक: 1:20 से 2:00 बजे तक (40 मिनट)
तीसरा सेशन: 2:00 से 4:00 बजे तक
यह बदलाव न सिर्फ खेल को समय पर खत्म करने में मदद करेगा बल्कि खिलाड़ियों को मौसम और प्रकाश की स्थिति के अनुरूप खेलने का बेहतर मौका देगा।अब तक का पारंपरिक प्रारूपपरंपरागत रूप से भारत में टेस्ट मैच सुबह 9:30 बजे शुरू होते हैं। पहला सत्र 9:30 से 11:30 बजे तक चलता है, जिसके बाद 40 मिनट का लंच ब्रेक होता है। इसके बाद 12:10 से 2:10 बजे तक दूसरा सेशन और फिर 20 मिनट का टी ब्रेक होता है। दिन का अंतिम सत्र 2:30 से 4:30 बजे तक खेला जाता है। अगर ओवर पूरे नहीं होते तो मैच अधिकारी अतिरिक्त आधे घंटे का समय दे सकते हैं ताकि दिन के 90 ओवर पूरे किए जा सकें।
दुनिया में कैसी है टेस्ट की टाइमिंग
हर देश में टेस्ट मैचों की शुरुआत का समय अलग होता है। इसका मुख्य कारण वहां के सूर्योदय और सूर्यास्त का समय है। इंग्लैंड जैसे देशों में गर्मियों के लंबे दिनों के कारण टेस्ट मैच सुबह 11 बजे शुरू किए जाते हैं। इंग्लैंड में यह परंपरा रही है कि पहला सेशन दोपहर एक बजे खत्म होता है, जिसके बाद लंच ब्रेक होता है और फिर टी ब्रेक। यही मॉडल दुनिया भर में अपनाया गया।भारत में अब इस पारंपरिक क्रम को बदलने की दिशा में यह पहला प्रयोग होगा। इससे यह देखने लायक रहेगा कि खिलाड़ी और दर्शक इस बदलाव को किस तरह स्वीकार करते हैं।
क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में भारत के पूर्वी हिस्सों में होने वाले टेस्ट मैचों में इसे स्थायी रूप से लागू किया जा सकता है। हालांकि बीसीसीआई और साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड इस बदलाव को लेकर सहमत हो गए हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि खिलाड़ी इस नई व्यवस्था को कितना सहज पाते हैं। क्योंकि लंबे समय से खिलाड़ियों की लंच और टी ब्रेक की आदत बनी हुई है।फैंस के लिए भी यह एक नया अनुभव होगा।
सुबह जल्दी मैच शुरू होने के कारण दर्शक अधिक समय तक मैच का लुत्फ उठा पाएंगे, और शाम होते-होते खेल का समापन हो जाएगा। टेस्ट क्रिकेट में यह बदलाव भले छोटा लगे, लेकिन इसका प्रभाव बड़ा हो सकता है। भारत में पहली बार टी ब्रेक और लंच के क्रम को बदला जाएगा यह न सिर्फ समय प्रबंधन का कदम है, बल्कि खेल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की कोशिश भी है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो टेस्ट क्रिकेट के पारंपरिक ढांचे में एक नई मिसाल कायम हो सकती है।