ब्रेकिंग न्यूज़

NSMCH बिहटा की बड़ी सफलता: 1.8 किलो के थायरॉयड ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, महिला को मिला नया जीवन NSMCH बिहटा की बड़ी सफलता: 1.8 किलो के थायरॉयड ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, महिला को मिला नया जीवन बिहार में खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर पति ने शव को दफनाया, फिर खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर बिहार में खौफनाक वारदात: पत्नी की हत्या कर पति ने शव को दफनाया, फिर खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर Bihar News: बीवी को छोड़ो, मेरे साथ रहो... प्रेमिका के दबाव में टूटा BPSC शिक्षक, बंद कमरे में उठाया खौफनाक कदम सासाराम: मैरिज हॉल रेड मामले में 23 महिलाओं को कोर्ट से मिली राहत, पीड़ित मानकर छोड़ा गया 7 अप्रैल को पटना में राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक, सभी डीसीएलआर होंगे शामिल ट्रैक्टर चोर गिरोह का भंडाफोड़, नाबालिग समेत 4 गिरफ्तार, इनके कारनामे सुनकर हर कोई हैरान पटना 15 किलो सोना लूटकांड में SIT गठित, बदमाशों ने कस्टम अधिकारी बनकर लूट लिया था 22 करोड़ का गोल्ड; पुलिस के हाथ लगा खाली बैग पटना 15 किलो सोना लूटकांड में SIT गठित, बदमाशों ने कस्टम अधिकारी बनकर लूट लिया था 22 करोड़ का गोल्ड; पुलिस के हाथ लगा खाली बैग

Home / politics / ‘विपक्ष की चौथी बैठक भी होगी फ्लॉप’ सुशील मोदी बोले- नीतीश के नेता...

‘विपक्ष की चौथी बैठक भी होगी फ्लॉप’ सुशील मोदी बोले- नीतीश के नेता चुने जाने की संभावना पूरी तरह से हुई खत्म

17-Dec-2023 07:14 PM

By First Bihar

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि नीतीश कुमार का अक्सर बीमार रहने और विधानसभा में महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी करने के बाद उनके इंडी गठबंधन का नेता चुने जाने की रही-सही संभावना भी समाप्त हो गई है। 


सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि गठबंधन की पिछली तीन बैठकों की तरह 19 दिसम्बर की बैठक भी फ्लॉप होगी। उसमें चाय पार्टी और फोटो सेशन के अलावा कुछ नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि घटक दलों में प्रमुख 'आप' के नेता केजरीवाल विपश्यना ध्यान करने 10 दिन की छुट्टी पर चले गये। शरद पवार की पार्टी टूट चुकी है, ममता दीदी का कोई भरोसा नहीं और नीतीश कुमार कब बीमार हो जाएं, पता नहीं।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके नेतृत्व में एकजुट होने का दावा करने वाला विपक्ष तीन हिंदी भाषी राज्यों में करारी हार से हताश है। ये थके-हारे लोग कोई बड़ा निर्णय लेने की स्थिति में भी नहीं हैं। विपक्ष न भोपाल में साझा रैली कर पाया, न गठबंधन की उप-समितियों की बैठक हो पायी। ये लोग भाजपा के विरुद्ध साझा उम्मीदवार भी नहीं तय कर पाएंगे। विधानसभा चुनावों में जातीय जनगणना का कार्ड नहीं चला और इंडी गठबंधन बनने के बाद की इस पहली बड़ी चुनावी परीक्षा में जनता ने विपक्ष की नकारात्मक राजनीति को कूड़े दान में डाल दिया।


सुशील मोदी ने कहा कि इस सब के बाद नीतीश कुमार के करीबी लोग उन्हें पीएम-उम्मीदवार बनाने का सब्जबाग दिखाते रहते हैं। बिहार में जदयू और यूपी में सपा अब यह भ्रम फैला रहे हैं कि कांग्रेस यदि क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर चुनाव लड़ती तो परिणाम अलग होते। मुद्दाविहीन और अविश्वसनीय विपक्ष यदि मिल कर भी चुनाव लड़ता तो प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के आगे टिक नहीं पाता। 2024 में भी यही होगा।