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पंचायती राज प्रतिनिधियों के साथ खड़े हुए रामकृपाल यादव, सीएम नीतीश को पत्र लिख कार्यकाल बढ़ाने को कहा

27-May-2021 09:51 AM

PATNA : बिहार में पंचायत चुनाव पर ग्रहण लग चुका है। कोरोना महामारी के कारण बिहार में पंचायत चुनाव की उम्मीद अब लगभग खत्म हो चुकी है। ऐसे में पंचायती राज्य व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले प्रतिनिधियों का भविष्य आगे क्या होगा इस पर सरकार को अंतिम फैसला लेना है। बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव पंचायती राज प्रतिनिधियों के समर्थन में उतर गए हैं। सांसद रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पंचायती राज व्यवस्था किसी संवैधानिक संकट में ना पड़े इसके लिए जरूरी है कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ा दे। 


मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखे अपने पत्र में सांसद रामकृपाल यादव ने कहा है कि बिहार पंचायत चुनाव 2021 फिलहाल टलने की स्थिति में पहुंच गया है। चुनाव नहीं होने की स्थिति में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के समक्ष संवैधानिक संकट पैदा हो जाएगा। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की अधिकतर योजनाएं जो पंचायतों के विकास से संबंधित हैं उसके क्रियान्वयन में भी संकट पैदा होने वाला है। ऐसी स्थिति में बिहार सरकार को किसी विधि सम्मत निर्णय की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। 


सांसद रामकृपाल यादव ने मुख्यमंत्री के लिखे पत्र में बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह का पत्र भी संलग्न किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार प्रदेश मुखिया संघ ने आज से अनुरोध किया है कि पंचायती राज व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों को प्राप्त अधिकार, शक्तियां और कर्तव्य को बिहार पंचायत 2021 के होने तक विस्तारित किया जाए। इसके लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के कई प्रतिनिधियों ने इस संबंध में मांग की है। इस मांग के पीछे जनप्रतिनिधियों की कई वाजिब चिंताएं हैं। इसलिए आपसे निवेदन है कि पंचायत चुनाव संपन्न होने तक प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। पंचायत चुनाव संपन्न नहीं होने की स्थिति में नीतीश सरकार ने जो संकेत दिया है उसके मुताबिक पंचायती राज प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने पर उनकी जगह प्रशासनिक अधिकारियों को पंचायती राज व्यवस्था को बनाए रखने का अधिकार दिया सकता है। ऐसे में रामकृपाल यादव की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखा पत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संभव है कि आगे आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी पंचायत प्रतिनिधियों के साथ खड़ी नजर आए।