साहिबगंज से अगवा 3 नाबालिगों को जमालपुर रेल पुलिस ने किया बरामद, तीनों को सुरक्षित परिजनों के किया हवाले शिवहर: लापता 12 साल के बच्चे को पुलिस ने एक घंटे के भीतर किया बरामद, परिजनों के चेहरे पर आई मुस्कान शराबबंदी वाले बिहार में होली की तैयारी में जुटे माफिया: गिट्टी लदे हाईवा से 50 लाख की शराब बरामद हड़ताल खत्म करने की अपील, विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों से कहा..पहले काम पर लौटें, तब मांगों पर किया जाएगा विचार Bihar News: बिहार के 50 हजार रिटायर शिक्षकों की पेंशन पर संकट, सामने आई यह बड़ी वजह Bihar News: बिहार के 50 हजार रिटायर शिक्षकों की पेंशन पर संकट, सामने आई यह बड़ी वजह Crime News: मुजफ्फरपुर ड्रम हत्याकांड, 5 साल पहले युवक ने बेरहमी से की थी गर्लफ्रेंड की हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा Bihar News: मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी ने दो मैट्रिक छात्रों को उड़ाया, दोनो गंभीर रूप से घायल; एक DMCH रेफर Bihar News: मंत्री की एस्कॉर्ट गाड़ी ने दो मैट्रिक छात्रों को उड़ाया, दोनो गंभीर रूप से घायल; एक DMCH रेफर गोपालगंज में शॉर्ट सर्किट से डीजल गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान
14-Sep-2025 02:10 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने रविवार को बोधगया स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बार उनकी पार्टी का लक्ष्य मान्यता प्राप्त दल का दर्जा हासिल करना है।
मांझी ने साफ कहा कि हमारी पार्टी को बने हुए 10 साल हो गए हैं, लेकिन अब तक यह सिर्फ एक निबंधित पार्टी है। यह हमारे लिए अपमानजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मान्यता पाने के लिए पार्टी को कम से कम 8 सीटें जीतनी होंगी और राज्य में कुल डाले गए वोटों में से 6% वोट हासिल करने होंगे।
इसके लिए उन्होंने एनडीए से 15 सीटों की मांग की है। मांझी ने कहा कि सभी सीटों पर जीत संभव नहीं होती, इसलिए व्यावहारिक रूप से हमें इतनी सीटें चाहिए। मांझी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी पार्टी को एनडीए में सम्मानजनक सीटें नहीं दी गईं, तो वे 100 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे और अकेले चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने दावा किया कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10–15 हजार वोटर उनके पक्ष में हैं, और यह संख्या उन्हें 6% वोट शेयर के लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। मांझी ने एनडीए में अपनी उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी बिना पैसे खर्च किए भीड़ जुटा सकती है, जबकि अन्य दलों को इसके लिए धन खर्च करना पड़ता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए नेतृत्व इस तथ्य को समझेगा और सीट बंटवारे में जमीनी हकीकत को प्राथमिकता देगा। मांझी के इस बयान से साफ है कि वे इस बार चुनाव को लेकर पूरी तरह से रणनीतिक, आक्रामक और आत्मनिर्भर रुख अपना रहे हैं। अब देखना यह होगा कि एनडीए उनकी मांगों को गंभीरता से लेता है या बिहार चुनाव 2025 में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा अकेले मैदान में उतरता है।