समस्तीपुर: प्रोपर्टी डीलर गणेश सहनी हत्याकांड का खुलासा, 6 लेन के जमीन को लेकर हुआ था विवाद, आरोपी गिरफ्तार नौनिहालों के भविष्य के साथ खिलवाड़? बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्कूल में चटाई बिछाकर सोते नजर आए मास्टर साहब, वीडियो हो गया वायरल चलती ट्रेन में महिला ने दिया बच्ची को जन्म, झाझा स्टेशन पर 45 मिनट रुकी साउथ बिहार एक्सप्रेस समस्तीपुर में सहायक काराधीक्षक की पत्नी का फंदे से लटका मिला शव, मायके वालों ने दहेज हत्या का लगाया आरोप समस्तीपुर में महिला समेत दो को मारी गोली, भीड़ की पिटाई के बाद घायल अपराधी सन्नी पासवान की मौत आरा में करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा, 3 कपड़ा कारोबारियों पर GST की रेड पटना में गोल का मेगा मोटिवेशनल सेमिनार, 1000+ छात्रों ने सीखा NEET-JEE क्रैक करने का मंत्र दरभंगा में बच्ची से रेप-हत्या मामला: पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद बोले प्रशांत किशोर, कहा..बिहार में अधिकारियों का जंगलराज बिहार में फार्मर रजिस्ट्री ने पार किया 40 लाख का आंकड़ा, 47.8% लक्ष्य पूरा Rajpal Yadav: जेल में बंद एक्टर राजपाल यादव, घर में हो रही जश्न की तैयारी; क्या है वजह?
11-Feb-2026 07:50 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा में आज पथ निर्माण विभाग के मंत्री दिलीप जायसवाल ने एक अजीब ऐलान किया। उन्होंने सदन को बताया कि वैसी सड़कें जिनका लेबल घरों से ऊपर हो गया है, उन्हें तोड़कर फिर से लेबल पर लाया जाएगा। अब सवाल उठ रहा है कि जब सड़कों का निर्माण हुआ था, तब इसपर ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
दरअसल, बिहार विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान सदस्यों ने ऐसी सड़कों के निर्माण पर सुझाव दिया, जिनका लेबल घरों से ऊंचा है। सड़कों की ऊंचाई घरों से अधिक होने के कारण बरसात के दिनों में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस पर सरकार की तरफ से पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने जो बात कही, वह हैरान करने वाली थी।
उन्होंने सदन में कहा कि पथ निर्माण विभाग के पथों में प्रश्नगत त्रुटियों का निराकरण ओपीआरएमएस फेज तीन के अधीन किया गया है। उन्होंने कहा का सदस्यों का जो सुझाव है उसे गंभीरता से लेते हुए एक प्रावधान किया गया है कि ऐसी सड़कें जिनकी ऊंचाई बढ़ने के चलते मोहल्ले में बरसात का पानी जमा हो जाता है, तो उसको ओपीआरएमएस फेज तीन में पूरी सड़क को उखाड़ कर और पहला सतह देंगे, जिससे वहां पर पानी जमा नहीं हो।
सरकार के इस फैसले को जनता की गाढ़ी कमाई की बर्बादी बताया जा रहा हैं। कहा जा रहा है कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा राज्य की गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है। पहले करोड़ों रूपए लगाकर सड़क का निर्माण कराया गया और अब उसी सड़क को लाखों रूपए खर्च कर तुड़वाया जाएगा और फिर से करोडों रुपए लगाकर सड़क का लेबल मिलाया जाएगा। अगर पहले ही सड़क निर्माण के दौरान इस बात का ख्याल रखा गया होता तो जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद नहीं होती।