मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
01-Feb-2023 12:20 PM
By First Bihar
DESK : भारत के लोग यदि अपनी यातायात में सबसे अधिक किसी चीज़ की जरूरत सबसे अधिक होती है तो वह रेल है।भारी सामानों की ढुलाई रेल से ही की जाती है। सरकार ने समय-समय पर अलग-अलग रूटों पर अलग-अलग ट्रेनों की घोषणाएं करती रहती हैं। ऐसे में अब आज आम बजट पेश हो रहा है तो लोगों की उम्मीद रेल बजट को लेकर भी बनी हुई है।
वहीं,इस बार के बजट में रेलवे को लेकर वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत परिव्यय का प्रावधान किया गया है। रेलवे में 100 नई योजनाओं की शुरुआत होगी। इसके अलावा नई योजनाओं के लिए 75 करोड़ रुपये का फंड दिया गया है। निजी क्षेत्र की मदद से 100 योजनाओं की पहचान की गई है। रेलवे ने विजन 2024 में न्यू डेटिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और हाई स्पीड पैसेंजर कॉरिडोर को चालू करने का लक्ष्य रखा है. भीड़ वाले रूट्स में मल्टी ट्रैकिंग, सिग्नलिंग व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक एक लाख किलोमीटर लाइन बिछाने पर करीब 20 लाख करोड़ रुपये खर्च आएंगे.
आपको बताते चलें कि, इससे पहले पिछले बजट में वित्त मंत्री ने 140367.13 करोड़ रु का बजट रेल मंत्रालय को देने का ऐलान किया था। साल 2022 में रेलवे को 1.4 लाख करोड़ का बजट मिला था। 2017 से पहले रेलवे बजट अलग से पेश किया जाता था। लेकिन मोदी सरकार ने इस परंपरा को खत्म कर दिया। अरुण जेटली पहले वित्त मंत्री थे, जिन्होंने आम बजट के साथ ही रेलवे बजट को शामिल कर इसे पेश किया था. यह परंपरा 1924 से ही चली आ रही थी।