बिहार में भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, सभी थानों को सूची तैयार करने का आदेश पटना और गया के बाद मधुबनी कोर्ट को मिली बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, चोरी और छीने गये 29 लाख के 116 मोबाइल बरामद बिहार के 6 जिलों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे, अब जीरो डेथ का लक्ष्य BIHAR: पत्नी की बेवफाई से तंग आकर पति ने उठा लिया बड़ा कदम, 8 महीने पहले ही हुई थी शादी Bihar Bhumi: चिंतित है सरकार...घूस लेने से मान नहीं रहे 'कर्मचारी', राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी 'कमिश्नरों' से किया आह्वान- 9 कामों पर करें फोकस 13 जनवरी को नीतीश कैबिनेट की बैठक: कई अहम एजेंडों पर लगेगी मुहर पीएम श्री स्कूलों में नवाचार की नई दिशा: पूर्णिया में 3 दिवसीय IDE बूटकैंप 2026 का भव्य शुभारंभ ED की जिस छापेमारी पर ममता बनर्जी ने मचाया है बवाल, उसका बिहार से है कनेक्शन, 60 करोड़ रूपये के लेन-देन की हो सकती है जांच गुजरात के शहरी विकास मंत्री कानू देसाई से विजय कुमार सिन्हा ने की मुलाकात, स्मार्ट सिटी और समावेशी नगर विकास पर चर्चा
17-Mar-2021 10:56 AM
PATNA : भाकपा माले के विधायकों ने आज विधानसभा के बाहर आशा को सरकारी कर्मी का दर्जा और मानेदय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है. सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले भाकपा माले के विधायक के हाथों में प्ले कार्ड लेकर आशा को पारितोषिक नहीं मानदेय के देने की मांग की.
विधानसभा के बाहर माले विधायकों ने आशा को पारितोषिक नहीं मानदेय देने की मांग, आशा कार्यकर्ता को सरकारी कर्मी का दर्जा,आशा को धोखा देना बंद करो, आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने समेत कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया.
माले के विधानदल के नेता महबूब आलम ने कहा कि आशाकर्मियों का शोषण होता है. हमारी सरकार से मांग है कि उन्हें भी सरकारी कर्मी का दर्जा मिले है और उन्हें 21 हजार मानदेय दिया जाए. महबूब आलम ने कहा कि आज इसे लेकर ही विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया गया है.