Bihar News: इंस्टाग्राम से शुरू हुआ प्यार थाने होते हुए मंदिर तक पहुंचा, बिहार में ‘पकड़ौआ विवाह’ को लेकर बवाल Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Bhumi: एक जमीन पर दो खतियान का खेल खत्म, सरकार ने सभी समाहर्ताओं से कहा– सरकारी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वालों को 'स्वामित्व' का प्रमाण देना होगा..नोटिस जारी करने का आदेश Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Bihar Bhumi Survey: बिहार में 'भूमि सर्वे' को लेकर तय हुई समय सीमा, सरकार का ऐलान- अब नहीं चलेगी ढिलाई Bihar News: बिहार में ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर, सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो; देखिए..
13-Jun-2024 07:06 PM
By First Bihar
DELHI : अजीत डोभाल को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बना दिया गया है। जबकि पीके मिश्रा भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधान सचिव बने रहेंगे। पीके मिश्रा की नियुक्ति 10 जून से एक बार फिर से प्रभावी हो गई है। वहीं पूर्व आईएएस अधिकारी अमित खरे और तरूण कपूर भी अगले आदेश कर प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में काम करते रहेंगे।
अजीत डोभाल वर्ष 1968 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और आतंकवाद विरोधी मामलों के साथ-साथ परमाणु मामलों के भी एक्सपर्ट हैं। वहीं पीएम मोदी के प्रधान सचिव पीके मिश्रा वर्ष 1972 बैच के सेवानिवृत अधिकारी हैं, जो पिछले दो साल से नरेंद्र मोदी के साथ काम कर रहे हैं। ये दोनों अधिकारी प्रधानमंत्री के काफी भरोसेमंद माने जाते हैं और नरेंद्र मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उनके साथ जुड़े रहे हैं।
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने अजीत डोभाल की एनएसए के रूप में नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है। डोभाल की नियुक्ति प्रधानमंत्री के कार्यकाल के साथ या अगले आदेश तक रहेगी। कार्यकाल के दौरान एनएसए को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा और उनकी नियुक्ति की शर्तें और नियम अलग से अधिसूचित की जाएगी। बता दें कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक संवैधानिक पद है और इस पद पर पीएम के सबसे विश्वसनीय अधिकारी की ही तैनाती की जाती है।