ब्रेकिंग न्यूज़

खगड़िया में गंगा कटाव रोकने के लिए लोगों ने किया उपवास, महिलाओं ने की गंगा मईया की पूजा बेगूसराय में संदिग्ध हालात में वृद्धा की मौत, परिजनों ने लगाया पीट-पीटकर हत्या का आरोप मुजफ्फरपुर में युवती की हत्या मामला, प्रेमी पर सिर में गोली मारने का आरोप, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की दे रहा था धमकी बेगूसराय में युवक की निर्मम हत्या, पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर डाला एसिड पटना में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 4 लाख की लूट, हथियारबंद 4 बदमाशों ने घटना को दिया अंजाम सीएम की कुर्सी छोड़ेंगे नीतीश कुमार लेकिन रूतबा बढ़ेगा: उनका सुरक्षा घेरा औऱ मजबूत होगा, Z+ के साथ SSG कवर भी रहेगा, स्पेशल कमांडो होंगे तैनात अरवल में गैस लीकेज से लगी भीषण आग, एक ही परिवार के 5 लोग झुलसे मुंगेर में ONLINE ट्रेडिंग के नाम पर ठगी, युवक ने गंवाए 11.69 लाख रुपये परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट मुंगेर में गैस की कालाबाजारी पर कार्रवाई, छापेमारी के दौरान 13 डोमेस्टिक सिलेंडर जब्त

Home / news / तेजस्वी की कलम टूट गई या स्याही सूख गई? 10 लाख नौकरी के...

तेजस्वी की कलम टूट गई या स्याही सूख गई? 10 लाख नौकरी के वादे की प्रशांत किशोर ने दिलाई याद

16-Jun-2023 04:45 PM

By First Bihar

PATNA: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को उनके वादे की एक बार फिर से याद दिलाई है। पीके ने कहा है कि पहली कैबिनेट में 10 लाख नौकरी देने का वादा करने वाले तेजस्वी यादव की कलम टूट गई या फिर उनके कलम की स्याही सूख गई है, जो वादा अभी तक पूरा नहीं हुआ। पहली कैबिनेट में एक सिग्नेचर से 10 लाख नौकरी देने की बात करना बताता है कि तेजस्वी कितने बड़े अज्ञानी हैं।


दरअसल, जन सुराज यात्रा के तहत पूरे बिहार का भ्रमण कर रहे प्रशांत किशोर केंद्र की बीजेपी सरकार के साथ साथ लालू-नीतीश और तेजस्वी पर लगातार हमले बोल रहे हैं। इस बार उनके निशाने पर तेजस्वी यादव रहे। पीके 10 लाख नौकरी देने के वादे को लेकर तेजस्वी यादव को घेरा है। उन्होंने कहा कि अगर तेजस्वी 10 लाख नौकरी देने का दावा करते हैं, तो कैबिनेट में साइन करके कैसे दे देंगे। 


प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में उनके बाबूजी का कोई राजतंत्र थोड़े ही है, जो कैबिनेट की पहली बैठक में एक साइन से 10 लाख लोगों को नौकरी दे देंगे। नौकरी देने के लिए सरकार की व्यवस्था होती है, पदो के सृजन के बाद बहाली होती है लेकिन तेजस्वी ने राज्य में घूम घूमकर दावा किया कि पहली कैबिनेट में एक साइन से 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे। कैबिनेट की कई बैठकें बीत गईं लेकिन 10 लाख लोगों को नौकरी नहीं मिली। ऐसे में तेजस्वी को बताना चाहिए कि उनके कलम की स्याही सूख गई है या फिर कलम ही टूट गई है।