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15-Sep-2023 04:18 PM
By First Bihar
DELHI: सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि स्टालिन और उनकी ही पार्टी डीएमके के नेता ए. राजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर करते हुए उदयनिधि स्टालिन और ए. राजा के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है।
दरअसल, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के बेटे और खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से कर दी थी। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा था कि कुछ चीजें हैं, जिन्हें हमें खत्म करना है और हम सिर्फ विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू, कोरोना और मलेरिया ऐसी चीजें हैं, जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, उन्हें खत्म करना होता है। सनातन धर्म भी ऐसा ही है। सनातन का विरोध नहीं, बल्कि उसे खत्म कर देना चाहिए।
उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी ही पार्टी डीएमके के नेता ए राजा ने सनातन धर्म को लेकर उनसे एक कदम आगे बढ़कर विवादित बयान दे डाला। ए राजा ने सनातन धर्म की तुलना HIV से कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ए राजा ने कहा है कि सनातन धर्म सामाजिक बीमारी है। यह कुष्ठ रोग और एचआईवी से भी ज्यादा घातक है। इन दोनों नेताओं के विवादित बयान को लेकर चेन्नई के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर दी है।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि डीएमके नेताओं को ऐसे बयान देने से रोका जाए और तमिलनाडु में सनातन धर्म के खिलाफ होने वाले कार्यक्रमों को असंवैधानिक करार दिया जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि इसकी जांच कराई जाए कि कहीं इसके लिए सीमा पार से तो फंडिंग नहीं हो रही है। दोनों नेताओं के संबंध LTTE से है या नहीं इसकी भी जांच कराई जा। याचिकाकर्ता वकील ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ से याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की है।
DELHI: सनातन धर्म को लेकर विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन के मंत्री बेटे उदयनिधि स्टालिन और उनकी ही पार्टी डीएमके के नेता ए. राजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर करते हुए उदयनिधि स्टालिन और ए. राजा के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है।
दरअसल, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन के बेटे और खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से कर दी थी। उन्होंने सभा में मौजूद लोगों से कहा था कि कुछ चीजें हैं, जिन्हें हमें खत्म करना है और हम सिर्फ विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू, कोरोना और मलेरिया ऐसी चीजें हैं, जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, उन्हें खत्म करना होता है। सनातन धर्म भी ऐसा ही है। सनातन का विरोध नहीं, बल्कि उसे खत्म कर देना चाहिए।
उदयनिधि स्टालिन के इस बयान के बाद उनकी ही पार्टी डीएमके के नेता ए राजा ने सनातन धर्म को लेकर उनसे एक कदम आगे बढ़कर विवादित बयान दे डाला। ए राजा ने सनातन धर्म की तुलना HIV से कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ए राजा ने कहा है कि सनातन धर्म सामाजिक बीमारी है। यह कुष्ठ रोग और एचआईवी से भी ज्यादा घातक है। इन दोनों नेताओं के विवादित बयान को लेकर चेन्नई के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दोनों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग कर दी है।
याचिकाकर्ता ने मांग की है कि डीएमके नेताओं को ऐसे बयान देने से रोका जाए और तमिलनाडु में सनातन धर्म के खिलाफ होने वाले कार्यक्रमों को असंवैधानिक करार दिया जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि इसकी जांच कराई जाए कि कहीं इसके लिए सीमा पार से तो फंडिंग नहीं हो रही है। दोनों नेताओं के संबंध LTTE से है या नहीं इसकी भी जांच कराई जा। याचिकाकर्ता वकील ने CJI डीवाई चंद्रचूड़ से याचिका पर जल्द सुनवाई की अपील की है।