पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बिहार के मंत्री ने दिया बड़ा अपडेट, जानिए.. क्या बोले दीपक प्रकाश? ‘धुरंधर 2’ फिल्म देखकर घर लौट रहे युवकों पर पुलिस का कहर, थाना प्रभारी पर दो भाईयों को रातभर पीटने का आरोप Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल Bihar News: विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुल के तीन पिलर झुके, सब स्ट्रक्चर का काम ठप; निर्माण कार्य पर उठे सवाल बिना ऐप के चलेगा Amazon का नया स्मार्टफोन? Alexa के दम पर Apple-Samsung को देगा टक्कर, जानिए Bihar News: पीपा पुल से गंगा में गिरा ईंट लदा तेज रफ्तार ट्रैक्टर, हादसे में ड्राइवर की मौत Bihar News: पीपा पुल से गंगा में गिरा ईंट लदा तेज रफ्तार ट्रैक्टर, हादसे में ड्राइवर की मौत सहरसा में 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड, निर्दोषों को फंसाने और FIR में हेरफेर का आरोप बिहार में बड़ी वारदात: लूटपाट के दौरान चाकू मारकर युवक की हत्या, पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ा
30-Apr-2024 06:59 AM
By First Bihar
DESK : योगगुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण का मुश्किलों से पीछा नहीं छुट रहा है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद अब उनके स्वामित्व वाली पतंजलि को उत्तराखंड सरकार से भी बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड के औषधि नियंत्रक के लाइसेंस प्राधिकरण ने पतंजलि की दिव्य फार्मेसी कंपनी के कुल 14 उत्पादों पर बैन लगा दिया है। दिव्य फार्मेसी के इन 14 उत्पादों पर भ्रामक विज्ञापन मामले में बैन लगाया गया है।
दिव्य फार्मेसी के जिन प्रोडक्ट्स पर बैन लगा है, उनमें श्वासारि गोल्ड, श्वासारि वटी, दिव्य ब्रोंकोम, श्वासारि प्रवाही, श्वासारि अवलेह, मुक्ता वटी एक्स्ट्रा पावर, लिपिडोम, बीपी ग्रिट, मधुग्रिट, मधुनाशिनी वटी एक्स्ट्रा पावर, लिवामृत एडवांस, आईग्रिट गोल्ड, लिवोग्रिट और पतंजलि दृष्टि आई ड्रॉप शामिल हैं। विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना के अनुसार, दिव्य फार्मेंसी की तरफ से अपने उत्पादों के बारे में भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए लाइसेंस को रोक दिया गया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों कुछ उत्पादों के भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के निर्देशों का पालन नहीं करने के लिए पतंजलि आयुर्वेदा को फटकार लगाई थी। अदालत आज यानी 30 अप्रैल को पतंजलि के मामले की सुनवाई करेगा ताकि यह तय किया जा सके कि योगगुरु स्वामी रामदेव के खिलाफ अवमानना का आरोप लगाया जाए या नहीं। बाबा रामदेव पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख कर्ताधर्ता हैं।

