Bihar News: इंस्टाग्राम से शुरू हुआ प्यार थाने होते हुए मंदिर तक पहुंचा, बिहार में ‘पकड़ौआ विवाह’ को लेकर बवाल Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: नेपाल के रास्ते बिहार पहुंच रहे पाकिस्तान में छपे जाली भारतीय नोट, STF ने बड़े नेटवर्क का किया खुलासा Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में महज 65 दिन में टूट गया सात जन्मों का बंधन, नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी Bihar Bhumi: एक जमीन पर दो खतियान का खेल खत्म, सरकार ने सभी समाहर्ताओं से कहा– सरकारी भूमि पर मालिकाना हक का दावा करने वालों को 'स्वामित्व' का प्रमाण देना होगा..नोटिस जारी करने का आदेश Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Bihar Bhumi Survey: बिहार में 'भूमि सर्वे' को लेकर तय हुई समय सीमा, सरकार का ऐलान- अब नहीं चलेगी ढिलाई Bihar News: बिहार में ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर, सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो; देखिए..
16-May-2024 11:54 AM
By First Bihar
DELHI: ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की जाने वाली गिरफ्तारियों को लेकर गुरुवार को एक अहम टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा है कि अगर स्पेशल कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत का संज्ञान लिया है तो ईडी पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के सेक्सन 19 के तहत दी गई शक्तियों का इस्तेमाल कर आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। ऐसे मे गिरफ्तारी के लिए ईडी को स्पेशल कोर्ट में आवेदन देना होगा।
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि ईडी ने आरोपी को जांच के दौरान अरेस्ट नहीं किया, उस पर बल के लिए पीएमएलए में दी गई कड़ी शर्तें लागू नहीं होंगी। अदालत ने कहा है कि जब कोर्ट चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद ऐसे आरोपी को समन जारी करे और वह पेश हो जाए, तो उसे बेल मिल जाएगी। धारा 45 में दी गई जमानत की दोहरी शर्त उस पर लागू नहीं होगी। चार्जशीट पेश करने के बाद अगर प्रवर्तन निदेशालय ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करना चाहती है, तो उसे अदालत से अनुमति लेनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुयान की पीठ ने कहा कि, “अगर धारा 44 के तहत शिकायत के आधार पर PMLA की धारा 4 के तहत अपराध का संज्ञान लिया जा चुका है तब ED और उसके अधिकारी शिकायत में आरोपी बनाए गए व्यक्ति को अरेस्ट करने के लिए धारा 19 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। अगर ED आगे की जांच में आरोपी की कस्टडी चाहती है और आरोपी पहले ही समन जारी होने पर पेश हो चुका है तो ऐसे में ईडी को स्पेशल कोर्ट ,आरोपी की हिरासत मांगनी पड़ेगी। जिसके बाद आरोपी का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।