ब्रेकिंग न्यूज़

सुपौल में LIC एजेंट ने लाइसेंसी गन से खुद को मारी गोली, इलाके में सनसनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठे प्रेमी को डायल 112 की टीम ने पकड़ा, महिला सिपाही पर 5 हजार रूपये मांगने का आरोप मुजफ्फरपुर बड़गांव झड़प मामले में पियर थानाध्यक्ष रजनीकांत सस्पेंड, एसएसपी की बड़ी कार्रवाई बेगूसराय में NH-31 पर भीषण हादसा, ई-रिक्शा को बचाने में मिनी बस पलटी, एक दर्जन लोग घायल मुजफ्फरपुर में जिला कृषि पदाधिकारी 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, विशेष निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई क्या सच में नीट छात्रा के भाई को उठा ले गई CBI? फर्स्ट बिहार के जरिए जानिए क्या है इसकी असली हकीकत; आखिर क्यों जहानाबाद पहुंची थी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की टीम बिहटा में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज का कार्यक्रम, शिक्षाविद MM सिंह ने छात्रों को दिये सफलता के मंत्र EDUCAMY पटना से JEE MAINS का Bihar State Topper, पटना में रहकर IIT-JEE की तैयारी करने वाले छात्रों में TOP बड़ी जालिम है ये शराब: NDA विधायक ने विधानसभा में उठाई शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग, जेडीयू ने कहा-दिल्ली चले जाइये, वहां चालू है Bihar Road Project: सिलिगुड़ी-गोरखपुर सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज, फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू

सृजन घोटाला : दो बैंक मैनेजर की हुई गिरफ्तारी, सीबीआई का एक्शन

सृजन घोटाला : दो बैंक मैनेजर की हुई गिरफ्तारी, सीबीआई का एक्शन

15-Nov-2022 08:58 AM

PATNA : सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को दो तत्कालीन बैंक प्रबंधक शंकर दास और अर्जुन दास को गिरफ्तार कर लिया है। मामला भागलपुर में हुए करोड़ों रुपए के सृजन घोटाले का है। दोनों को हिरासत में लेकर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। गिरफ्तार दोनों प्रबंधक बैंक ऑफ बड़ौदा के हैं। अदालत ने 18 नवंबर 2022 तक के लिए दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया है। 




दरअसल, भागलपुर के महिला सशक्तीकरण और सुदृढ़ीकरण की अलग-अलग सरकारी योजनाओं की करोड़ों रुपयों की राशि के एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक कर्मियों की मिलीभगत से सृजन नाम के स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से धोखाधड़ी किया गया था। प्रस्तुत मामले में भागलपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी केपी रमैया के हस्ताक्षर से आरबीआई की परमिशन लिए बिना बैंक खाते खोले गए और फिर उन खातों के माध्यम से सृजन संस्था के खाते में करोड़ों रुपयों का हेरफेर किया गया। 




सीबीआई ने इस मामले की प्राथमिकी 14 ए/2017 के रूप में दर्ज करने के बाद 28 लोगों के खिलाफ 18 मार्च 2020 को आरोप पत्र दायर किया था। समन के बाद भी रमैया समेत 10 लोग अदालत में हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद इन सभी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। फिलहाल केपी रमैया समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। ईडी भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है।