ब्रेकिंग न्यूज़

Nursing admission scam : "ससुराल में रहो, पढ़-लिखकर क्या करोगी?" नर्सिंग एडमिशन के नाम पर 70 हजार की ठगी, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; जानिए फिर भी क्यों पुलिस पर उठे सवाल Bihar Crime News : बिहार में बेखौफ बदमाशों का तांडव, ई-रिक्शा चालक और डिलीवरी बॉय को मारा चाकू, लूट की घटना को दिया अंजाम Panchayat Secretary Scam : बिहार पंचायत सचिव का बड़ा कारनामा, डकार गए 1 करोड़ से अधिक की सरकारी राशि; FIR दर्ज Bihar expressway : बिहार के इस जिले से गुजरेंगे तीन बड़े एक्सप्रेसवे, रेल कनेक्टिविटी से मिलेगा आर्थिक बल Bihar new rail line : बिहार के इस क्षेत्र को मिलेगी नई रेल लाइन, जल्द धरातल पर उतरेगा बड़ा प्रोजेक्ट Bihar cyber crime : बिहार में साइबर अपराध पर सख्ती, बनेगी मल्टी-डिपार्टमेंट स्पेशल टीम Bihar education department : बिहार शिक्षा विभाग की बड़ी पहल: शिक्षकों की शिकायतें होंगी चुटकियों में हल, यह सुविधा भी पूरी तरह डिजिटल Patna municipal corporation : पटना में रोशनी और पानी पर बड़ा फैसला, इन चीजों को मिली मंजूरी; अब दिखेगा बदला -बदला नजारा Bihar teacher : संभल जाएं सरकारी शिक्षक: इस जगह नहीं बनाई हाजिरी तो नहीं मिलेगा मासिक वेतन, विभाग ने जारी किया आदेश Bihar Pink Bus Scheme : बिहार में महिलाओं के हाथों पिंक बसों की कमान, तीन जिलों में खुलेंगे नए आईडीटीआर केंद्र

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा हुआ चार दिवसीय महापर्व छठ, जानिए क्या है पूजा और अर्घ्य विधि

उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा हुआ चार दिवसीय महापर्व छठ, जानिए क्या है पूजा और अर्घ्य विधि

20-Nov-2023 02:46 AM

By First Bihar

PATNA : हिन्दू धर्म में छठ पूजा का चौथा दिन यानि 20 नवंबर 2023 बहुत महत्वपूर्ण है।। इस दिन को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूजा का समापन किया गया। उगते हुए सूर्य के अर्घ्य को ‘ऊषा अर्घ्य’ के नाम से भी जाना जाता है। 


इस दिन व्रती महिलाएं सुबह उगते हुए सूर्य को नदी के घाट पर जाकर अर्घ्य दिया। इसके साथ ही छठी मैईया और सूर्य भगवान की आराधना भी करेंगी और अपनी संतान की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करेंगी।


मालुम हो कि, छठ पूजा के चौथे दिन सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती महिलाएं कच्चे दूध और जल और प्रसाद खाकर अपने व्रत का पारण करेंगी।छठ पूजा पर नदी या तालाबों के किनारे कमर तक पानी में खड़े होकर ही सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।


इसके पीछे के कई कारण बताए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास के दौरान श्री हरि जल में ही निवास करते हैं और सूर्य ग्रहों के देवता माने गए हैं। इस के अनुसार नदी या तालाब में कमर तक पानी में खड़े होकर अर्घ्य देने से भगवान विष्णु और सूर्य दोनों की ही पूजा एक साथ हो जाती है।


आपको बताते चलें कि, छठ पूजा का व्रत खोलने से पहले पूजा में चढ़ाए प्रसाद जैसे कि छेकुआ, मिठाई आदि ग्रहण करें। आप अदरक और चाय पीकर भी व्रत का पारण कर सकते हैं। जिसके बाद व्रत पूरा माना जाता है।