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21-Dec-2022 01:43 PM
PATNA : बिहार में छपरा जहरीली शराब मामले को लेकर अब मानवाधिकार की टीम मशरक पहुंच चुकी है। यहां यह टीम अपने तरीकों से एक- एक पहलू की जांच करेगी। मालूम हो कि, सरकारी डाटा के अनुसार यहां अबतक 43 लोगों की जान गई है। जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह आकड़ा 80 पार कर चुकी है। जिसके बाद इस पुरे मामले को लेकर बिहार के विपक्षी दलों द्वारा मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस मांग को लेकर आज पुरे प्रदेश में एकदिवसीय धरना का भी आयोजन किया गया है। जिसके बाद अब इस पुरे मामले को लेकर सीएम ने एकबार फिर से अपना मंसूबा साफ़ कर दिया है।
दरअसल, राजधानी पटना से सटे पटना सिटी इलाके के गुरुद्वारा पहुंचे बिहार के सीएम ने छपरा कांड को लेकर कहा कि, शराबबंदी को लेकर विपक्ष जो हंगामा कर रही है वह गलत है। जब सबकी सहमति से शराबबंदी लागु हुई है तो फिर इसका विरोध करना कहीं से भी उचित हो ही नहीं सकता है। इसके साथ ही यदि कोई गंदा और जहरीली शराब पीकर मरता है तो इसको तो और अधिक प्रचारित करने की जरूरत है कि यदि इस तरह से पियोगे तो मरोगे। मुझे तो यह समझ नहीं आता है कि देश के कौन सा हिस्सा में शराब पीकर लोग नहीं मर रहे हैं।
इसके आलावा मानवाधिकार टीम की जांच को लेकर कहा कि, उनको जरा संविधान को जानने की जरूरत है। हर चीज़ को अच्छे से समझने की जरूरत है उनको यह समझना चाहिए कि यह जो शराबबंदी कानून लागु है वो किसका अधिकार है। इसको लेकर संविधान में सबकुछ साफ़ है। यदि जांच की टीम यहां आयी है तो उसको अन्य राज्यों में भी जाना चाहिए। उनको तो यह देखंना चाहिए कि, अन्य राज्यों की तुलना में यहां सबसे कम मौत हुई है। हमलोग तो खुद इस घटना की जांच कर रहे हैं। इसको लेकर लोगों को सुझाव देने का नहीं काम किया जा रहा है। इसके आलावा उन्होंने कहा कि, जब बीजेपी वाला साथ में थे तो उनको लगता था कि, सबकुछ ठीक है। अब जो वो लोग पिछले चार महीनों से हमसे अलग हो जाए हैं तो उनका क्या व्यू जा रहा है। यह बिल्कुल गलत है। नीतीश कुमार ने बीजेपी की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कहीं कोई शराब इधर उधर तो नहीं करवा रहा है यह भी देखने वाली बात है।