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06-Apr-2024 01:54 PM
By First Bihar
VAISHALI : बिहार में शराबबंदी कानून लागू है। राज्य के अंदर कहीं भी शराब पीना या उससे जुड़ा किसी भी तरह का कोई भी कारोबार करना गैरकानूनी माना गया है। इसको लेकर कठोर सजा का भी प्रावधान है। लेकिन, इसके बाबजूद इस कानून की हकीकत क्या है वो शायद ही किसी से छुपा हुआ हो। ऐसे में अब जो खबर निकल कर समाने आई है वो इस कानून के रखवाले पर ही सवालिया निशान साबित हो रहे हैं।
दरअसल, वैशाली जिले के महुआ थानेदार पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) अरविंद पासवान को शराब माफिया से साठगांठ के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह एक्शन वैशाली एसपी की अनुशंसा पर तिरहुत रेंज के आईजी शिवदीप वामनराव लांडे के तरफ से की गई है। इससे पहले एसपी ने 30 मार्च को थानेदार को शो कॉज नोटिस जारी कर इस मामले में 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा था। लेकिन, इसका माकूल जवाब नहीं दिया गया। उसके बाद थानेदार के विरुद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अनुमति मांगी गई। अब मंजूरी मिलने के उपरांत यह एक्शन लिया गया है।
बताया जा रहा है कि, पश्चिम चंपारण के चौतरवा निवासी पुलिस निरीक्षक अरविंद पासवान मुजफ्फरपुर जिले में पानापुर और कुढ़नी के थानेदार रह चुके हैं। इनपर आरोप है कि जब महुआ थाने की पुलिस एक छापेमारी में गई थी जहां पुलिस जिस गाड़ी पर सवार थी उसने महुआ के कन्हौली में एक घर में ठोकर मार दी। इसके बाद जमकर हंगामा और बवाल हुआ। जांच में मामला सामने आया कि यह गाड़ी शराब माफिया की थी। इसके बाद अब इस मामले में एक्शन लिया गया है।