Bihar Politics : नीतीश कुमार MLC तो नितीन नवीन विधायक पद से आज देंगे इस्तीफा, अब राज्यसभा के जरिए शुरू होगी नई सियासी सफ़र Bihar News : पटना वालों ध्यान दें! NH-30 पर बढ़ गया टोल टैक्स, अब पटना–बख्तियारपुर सफर करना होगा महंगा; नई दरें लागू – जानिए पूरा अपडेट Bihar News : बक्सर में रेलवे का मेगा बदलाव! गाजीपुर और वाराणसी का सफर होगा आसान, यात्रियों को मिलेगा डायरेक्ट हाई-स्पीड कनेक्शन मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार
01-Jun-2020 05:22 PM
By Aryan Anand
PATNA : लालू की गैरमौजूदगी में तेजस्वी बीजेपी को सामने से टक्कर देंगे. भारतीय जनता पार्टी के इस ऐलान के बाद कि 9 जून को अमित शाह डिजिटल रैली के जरिए शंखनाद करने वाले हैं. तेजस्वी उनके साथ मुकाबले के लिए सामने आ खड़े हुए हैं. तेजस्वी ने कहा है कि उनकी पार्टी 9 जून को गरीब अधिकार दिवस मनाएगी. सुबह 11बजे से बिहार के सभी गरीब हाथ में थाली लेकर बजाएंगे. आपदा के इस दौर में सरकार के रवैए पर प्रतिकार करेंगे.
तेजस्वी यादव ने साफ कह दिया है कि बीजेपी भले ही डाटा की बात करती हो, लेकिन यहां लोगों के पास खाने को आटा नहीं है. 9 जून को भूखे पेट रहने वाला गरीब अपने हाथ में खाली बर्तन लेकर बजाएगा और सरकार को अपनी आवाज सुनाएगा. तेजस्वी ने कहा कि राशन के लिए, सुशासन के लिए और कड़े प्रशासन के लिए डिजिटल का इस्तेमाल करना चाहिए था. लेकिन यहां तो बीजेपी चुनाव के लिए डिजिटल का इस्तेमाल कर रही है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजद गरीब अधिकार का बात कर रही है. 9 जून को थाली, कटोरा या केला का पत्ता लेकर सामने आये और सरकार का प्रतिकार करें. शाह बिहार में यह डिजिटल चुनाव और भाषण के लिए आ रहे है. जब तक पेट में आटा नहीं जायेगा तब तक डाटा का क्या होता है. शाह डिजिटल रैली ना कर के पक्ष विपक्ष के साथ मजदूरों और गरीबों की मदद करने की बात करते तो अच्छा होता. बीजेपी सत्ता की भूख और पावर की नशा में चूर है. गरीब का थाली खाली है, इसलिए गरीब थाली ही बजायेगा.